Finance: अगर आपने अपना घर या फ्लैट उसी कीमत पर बेचा है जिस पर उसे खरीदा था, तो आपको कैपिटल गेन्स टैक्स नहीं देना होगा। Income Tax Appellate Tribunal (ITAT) की मुंबई बेंच ने एक मामले की सुनवाई करते हुए यह साफ कर दिया है क
Finance: अगर आपने अपना घर या फ्लैट उसी कीमत पर बेचा है जिस पर उसे खरीदा था, तो आपको कैपिटल गेन्स टैक्स नहीं देना होगा। Income Tax Appellate Tribunal (ITAT) की मुंबई बेंच ने एक मामले की सुनवाई करते हुए यह साफ कर दिया है कि जब संपत्ति की बिक्री से कोई वास्तविक मुनाफा नहीं होता, तो उस पर टैक्स नहीं लगाया जा सकता।
क्या था पूरा मामला और ITAT ने क्या कहा?
यह मामला Kamini V नाम की एक टैक्सपेयर से जुड़ा था। उन्होंने और उनके पति ने मिलकर 85 लाख रुपये में एक घर खरीदा था और दो साल बाद उसे उसी कीमत पर बेच दिया। इनकम टैक्स ऑफिसर ने दस्तावेजों की कमी का हवाला देते हुए उनके हिस्से के 42.5 लाख रुपये को ‘शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन’ मान लिया था और टैक्स लगाने की कोशिश की थी। हालांकि, ट्रिब्यूनल ने पाया कि खरीद और बिक्री की कीमत एक समान थी, इसलिए कोई मुनाफा नहीं हुआ और टैक्स की मांग को हटा दिया गया।
कैपिटल गेन्स टैक्स की गणना कैसे होती है?
ट्रिब्यूनल ने नियमों को स्पष्ट करते हुए बताया कि कैपिटल गेन का हिसाब लगाने का एक तय तरीका होता है। इसमें बिक्री से मिली रकम में से संपत्ति खरीदने की लागत और स्टैम्प ड्यूटी जैसे अन्य खर्चों को घटाया जाता है।
- बिक्री मूल्य – (खरीद मूल्य + स्टैम्प ड्यूटी और अन्य खर्च) = कैपिटल गेन
- अगर यह हिसाब शून्य आता है, तो कोई टैक्स नहीं देना पड़ता।
- टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस आदेश से यह बात साफ हो गई है कि टैक्स तभी लगेगा जब वास्तव में कोई प्रॉफिट हुआ हो।
आम आदमी के लिए इस फैसले का क्या मतलब है?
यह फैसला उन लोगों के लिए बड़ी राहत है जो अपनी प्रॉपर्टी को बिना किसी मुनाफे के बेचते हैं। अक्सर दस्तावेजों की कमी के कारण टैक्स विभाग इसे कमाई मान लेता है, लेकिन अब यह स्पष्ट है कि अगर खरीद और बिक्री की कीमत बराबर है, तो टैक्स नहीं लगेगा। यह नियम महाराष्ट्र समेत पूरे देश के टैक्सपेयर्स पर लागू होता है क्योंकि ITAT के फैसले एक मिसाल के तौर पर देखे जाते हैं।