TDS क्रेडिट पर बड़ी राहत, कंपनी ने टैक्स जमा नहीं किया तो भी कर्मचारी को मिलेगा फायदा; ITAT का फैसला

Finance: नौकरीपेशा लोगों के लिए एक बहुत बड़ी राहत की खबर आई है। मुंबई के इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (ITAT) ने साफ कर दिया है कि अगर किसी कंपनी ने कर्मचारी की सैलरी से टैक्स काटकर सरकार के पास जमा नहीं किया है, तो इसकी

Finance: नौकरीपेशा लोगों के लिए एक बहुत बड़ी राहत की खबर आई है। मुंबई के इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (ITAT) ने साफ कर दिया है कि अगर किसी कंपनी ने कर्मचारी की सैलरी से टैक्स काटकर सरकार के पास जमा नहीं किया है, तो इसकी सजा कर्मचारी को नहीं मिलेगी। अब कर्मचारियों को उनके कटे हुए TDS का पूरा क्रेडिट मिलेगा, भले ही नियोक्ता (Employer) ने गलती की हो।

अक्सर ऐसा होता है कि कंपनी सैलरी स्लिप और Form 16 में टैक्स कटौती दिखा देती है, लेकिन वह पैसा सरकारी खजाने में जमा नहीं होता। इस वजह से Form 26AS में वह राशि नहीं दिखती और इनकम टैक्स विभाग कर्मचारी से दोबारा टैक्स मांगता है। ITAT ने इस समस्या पर रोक लगाते हुए कहा कि कर्मचारी को टैक्स क्रेडिट से वंचित नहीं किया जा सकता।

इस फैसले के पीछे के मुख्य कानूनी आधार और नियम इस प्रकार हैं:

  • Section 205: इनकम टैक्स एक्ट, 1961 की यह धारा कहती है कि एक बार टैक्स कट जाने के बाद उसे दोबारा कर्मचारी से नहीं वसूला जा सकता।
  • CBDT निर्देश: 1 जून 2015 के निर्देश संख्या 275 के मुताबिक, नियोक्ता की गलती के लिए कर्मचारी को दंडित नहीं किया जाना चाहिए।
  • सुप्रीम कोर्ट का रुख: 6 फरवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने भी इस सिद्धांत को सही माना और कर्मचारी के खिलाफ टैक्स डिमांड को खारिज किया।

ट्रिब्यूनल ने असेसिंग ऑफिसर्स (AO) को निर्देश दिया है कि वे कर्मचारी के सबूतों की जांच करें और क्रेडिट दें। इसके लिए कर्मचारी अपनी सैलरी स्लिप, Form 16 और बैंक स्टेटमेंट जैसे दस्तावेज पेश कर सकते हैं।

संबंधित विवरण जानकारी
मुख्य कानून Income-tax Act, 1961 (Section 205)
महत्वपूर्ण निर्देश CBDT Instruction No. 275 (2015)
जरूरी दस्तावेज सैलरी स्लिप, Form 16, बैंक स्टेटमेंट
अदालत का निर्देश दस्तावेजों के सत्यापन के बाद TDS क्रेडिट देना होगा
रिकवरी का अधिकार विभाग बकाया टैक्स कंपनी से वसूल करेगा

टैक्स एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह फैसला आम आदमी के अधिकारों को मजबूत करता है। Khaitan & Co के पार्टनर राघव बजाज ने बताया कि अब असेसिंग ऑफिसर्स को TDS क्रेडिट के दावों की जांच कर टैक्स लायबिलिटी को फिर से कैलकुलेट करना होगा।