Iran और USA के बीच बातचीत में बड़ी कामयाबी, तेल निर्यात और जमी हुई संपत्ति पर बनी सहमति
World : ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव के बीच एक बड़ी खबर आई है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बताया कि अमेरिका के साथ बातचीत में काफी अच्छी प्रगति हुई है। इस पूरी प्रक्रिया में पाकिस्तान और कतर न
World : ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव के बीच एक बड़ी खबर आई है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बताया कि अमेरिका के साथ बातचीत में काफी अच्छी प्रगति हुई है। इस पूरी प्रक्रिया में पाकिस्तान और कतर ने बीच-बचाव कर अहम भूमिका निभाई है, जिससे दोनों देशों के बीच जमी बर्फ पिघलती नजर आ रही है।
यह बातचीत स्विट्जरलैंड में हुई, जो पिछले हफ्ते साइन हुए एक समझौते (MoU) के बाद आगे बढ़ी। 22 जून 2026 को अराघची ने आधिकारिक तौर पर इस कामयाबी की घोषणा की। इस समझौते के तहत ईरान के तेल और पेट्रोकेमिकल निर्यात पर लगी पाबंदियों में ढील दी जाएगी और कुछ ब्लॉकेड भी हटाए जाएंगे। इसके साथ ही अमेरिका ने ईरान की जमी हुई संपत्ति को वापस करने और वहां विकास कार्यों के लिए नए प्रोजेक्ट शुरू करने पर सहमति जताई है।
बातचीत के दौरान कई अहम फैसले लिए गए हैं, जिन्हें नीचे दी गई टेबल में समझा जा सकता है:
| प्रमुख बिंदु | विवरण |
|---|---|
| समय सीमा | अंतिम समझौते के लिए 60 दिनों का रोडमैप तैयार किया गया है |
| निगरानी | एक हाई-लेवल कमेटी बनाई गई है जो परमाणु मुद्दों और प्रतिबंधों पर नजर रखेगी |
| सुरक्षा | Strait of Hormuz में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए कम्युनिकेशन लाइन शुरू हुई |
| लेबनान विवाद | तनाव कम करने के लिए एक ‘डी-कॉन्फ्लिक्शन सेल’ बनाया गया है |
| मध्यस्थ देश | पाकिस्तान और कतर ने इस बातचीत को सफल बनाने में मदद की |
| अमेरिकी प्रतिनिधि | जेडी वेंस, स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर बातचीत में शामिल थे |
ईरानी सरकारी टीवी ने यह साफ किया है कि बातचीत के पहले दौर में परमाणु कार्यक्रम पर कोई चर्चा नहीं हुई। अब आने वाले दिनों में तकनीकी स्तर पर बातचीत जारी रहेगी ताकि 60 दिनों के अंदर फाइनल डील पूरी की जा सके। इस समझौते से मिडिल ईस्ट में शांति आने की उम्मीद है, जिसका असर ग्लोबल मार्केट और तेल की कीमतों पर भी पड़ सकता है।