Iran और America के बीच युद्ध जैसे हालात, ईरान ने दी पूरे क्षेत्र के इंफ्रास्ट्रक्चर को तबाह करने की धमकी

World: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान ने साफ चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने उसकी जमीन पर फिर से सैन्य हमले किए, तो वह पूरे क्षेत्र के बुनियादी ढांचे यानी इंफ्रास्ट्रक्चर को तबाह कर द

World: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान ने साफ चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने उसकी जमीन पर फिर से सैन्य हमले किए, तो वह पूरे क्षेत्र के बुनियादी ढांचे यानी इंफ्रास्ट्रक्चर को तबाह कर देगा। यह धमकी ईरान के वरिष्ठ सैन्य कमांडरों ने दी है, जिससे मिडिल ईस्ट में युद्ध की आशंका और बढ़ गई है।

ईरान के सैन्य प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फघारी ने कहा कि अब तक ईरान ने संयम दिखाया था, लेकिन अगर अमेरिकी हमले जारी रहे तो क्षेत्र की हर वह चीज जो अब तक बची हुई है, उसे ईरानी सेना कुचल देगी। उन्होंने इसे एक ऐसा प्रहार बताया जो पहले से कहीं ज्यादा गंभीर और विनाशकारी होगा। वहीं ब्रिगेडियर जनरल अबोल्फजल शेकरची ने भी गुरुवार को दोहराया कि अगर ईरान के इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचा, तो पूरे क्षेत्र का बुनियादी ढांचा उनके निशाने पर होगा।

इस पूरे विवाद में Strait of Hormuz एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है। ईरान इसे अपनी ‘लाल रेखा’ मानता है और यहां किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करेगा। दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर बातचीत शुरू नहीं हुई तो वह ईरान के सभी पावर प्लांट और पुलों को तबाह कर देंगे। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने भी कहा कि Strait of Hormuz में आतंकवाद जैसी हरकतों का अंजाम ईरान को भुगतना होगा।

पिछले 24 घंटों की घटनाओं पर नजर डालें तो स्थिति काफी तनावपूर्ण रही है। अमेरिका ने लगातार छठे दिन ईरान के सैन्य ठिकानों, एयर डिफेंस सिस्टम और ड्रोन केंद्रों पर हमले किए। इन हमलों में तेहरान और बंदर अब्बास के पास के इलाके शामिल थे। जवाब में ईरान ने दावा किया कि उसने जॉर्डन, कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले किए हैं। जॉर्डन की सेना ने गुरुवार को आठ ईरानी मिसाइलों को मार गिराने की खबर दी, जबकि कुवैत और बहरीन में भी मिसाइलों और ड्रोन्स के अलर्ट जारी किए गए।

इन हमलों का असर आम जनता और व्यापार पर भी पड़ रहा है। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अमेरिकी प्रोजेक्टाइल गिरने के बाद कैंसर मरीजों के अस्पताल शाहिद बगई को खाली कराना पड़ा। वहीं कुर्दिस्तान क्षेत्र में सुरक्षा खतरों के कारण डाना गैस ने खोर मोर गैस फील्ड का काम अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। अमेरिका ने करीब एक हफ्ते पहले ईरान के साथ अपनी ‘नाजुक ceasefire’ यानी युद्धविराम को खत्म घोषित कर दिया था, जिसके बाद यह टकराव तेजी से बढ़ा है।