Iran और USA के बीच तनाव बढ़ा, Strait of Hormuz बंद करने की धमकी; Trump ने मांगा नुकसान का मुआवजा
World : ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान ने साफ कह दिया है कि जब तक अमेरिका अपनी नीतियों में बड़ा बदलाव नहीं करता, तब तक वह Strait of Hormuz (हॉर्मुज जलडमरूमध्य) को नहीं खोलेगा। यह मामला अ
World : ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान ने साफ कह दिया है कि जब तक अमेरिका अपनी नीतियों में बड़ा बदलाव नहीं करता, तब तक वह Strait of Hormuz (हॉर्मुज जलडमरूमध्य) को नहीं खोलेगा। यह मामला अब काफी गंभीर हो गया है क्योंकि इस समुद्री रास्ते के बंद होने से पूरी दुनिया के व्यापार और तेल की सप्लाई पर असर पड़ सकता है।
8 अगस्त 2026 को ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहम्मद बागेर जोल्कादर ने घोषणा की कि जब तक अमेरिका अपना व्यवहार नहीं सुधारता, यह रास्ता बंद रहेगा। इसके जवाब में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से उन नुकसानों और मौतों का मुआवजा मांगा है, जो अलग-अलग संघर्षों के दौरान हुए थे। ट्रंप ने USS Cole बमबारी में मारे गए नाविकों और ईरान में प्रदर्शनकारियों के परिवारों के लिए मुआवजे की मांग की है।
ईरान ने अपनी शर्तें सामने रखी हैं जिन्हें पूरा करने पर ही वह जलमार्ग खोलेगा। ईरान की मांगों की लिस्ट नीचे दी गई है:
| ईरान की मुख्य मांगें |
|---|
| अमेरिका ईरान को कभी धमकी न दे और उसकी पवित्र चीजों का अपमान न करे |
| लेबनान, फिलिस्तीन, यमन और इराक में ईरान के सहयोगियों के खिलाफ युद्ध बंद हो |
| अमेरिका अपना नौसैनिक घेरा हटाए और ईरान के आसपास से अपनी सेना निकाले |
| युद्ध में हुए नुकसान का पूरा मुआवजा दिया जाए |
| ईरान पर लगे सभी अवैध प्रतिबंध हटाए जाएं |
| ईरान की जब्त की गई संपत्ति बिना शर्त वापस की जाए |
दूसरी तरफ, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि Strait of Hormuz पर अमेरिका का 100% कंट्रोल है और उन्होंने अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को एक स्टील की दीवार बताया है। उन्होंने 17 अगस्त से अमेरिकी बंदरगाहों के बीच सामान ले जाने वाले विदेशी जहाजों के लिए 90 दिनों की छूट भी दी है।
इस बीच 11 अगस्त को खबरें आईं कि ईरान ने इस रास्ते को फिर से बंद कर दिया है। ईरान का कहना है कि अमेरिकी नौसेना की ‘समुद्री डकैती’ और नाकाबंदी की वजह से ऐसा करना पड़ा। साथ ही ईरान की संसद ने अमेरिकी हमलों के बाद जलमार्ग बंद करने के लिए वोट भी किया है। इस पूरे विवाद के बीच ओमान ईरान के साथ बातचीत कर रहा है ताकि इस रास्ते के प्रशासन और नेविगेशन का हल निकाला जा सके। उधर, ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने यमन के मोचा पोर्ट शहर पर हमला कर रेड सी रूट को भी खतरे में डाल दिया है।