World: मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान और इजराइल के साथ दो हफ्ते के सीजफायर का ऐलान किया है। इस समझौते को कराने में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर
World: मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान और इजराइल के साथ दो हफ्ते के सीजफायर का ऐलान किया है। इस समझौते को कराने में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर की बड़ी भूमिका रही है। हालांकि ईरान ने साफ कर दिया है कि उसे केवल अस्थायी शांति मंजूर नहीं है और वह अपनी मांगों पर अड़ा हुआ है। समझौते के तुरंत बाद ईरान की ओर से की गई मिसाइल फायरिंग ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है।
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ईरान की वे प्रमुख शर्तें जिनसे रुक सकती है बड़ी जंग
ईरान ने स्थायी शांति के लिए एक 10-सूत्रीय योजना सामने रखी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इन बिंदुओं पर सहमति नहीं बनी तो युद्ध दोबारा शुरू हो सकता है।
- हमलों पर स्थायी रोक: ईरान चाहता है कि अमेरिका और इजराइल उसके खिलाफ हमलों को पूरी तरह और बिना शर्त बंद करें और भविष्य के लिए लिखित गारंटी दें।
- अमेरिकी सैनिकों की वापसी: ईरान की एक बड़ी मांग यह है कि इस क्षेत्र के सभी सैन्य ठिकानों से अमेरिकी लड़ाकू सैनिक वापस चले जाएं।
- आर्थिक प्रतिबंधों का खात्मा: ईरान पर लगे सभी पुराने और नए प्रतिबंधों को हटाने और विदेशों में जमे हुए उसके पैसों को तुरंत जारी करने की शर्त रखी गई है।
- होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण: ईरान इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते पर अपना सैन्य नियंत्रण और शुल्क वसूलने का अधिकार चाहता है।
- परमाणु ठिकानों की सुरक्षा: ईरान ने चेतावनी दी है कि उसके परमाणु या नागरिक बुनियादी ढांचे पर कोई भी हमला हुआ तो वह इसका तत्काल जवाब देगा।
सीजफायर के तुरंत बाद मिसाइल हमलों का क्या है मतलब
डोनाल्ड ट्रंप की घोषणा के कुछ ही देर बाद ईरान ने इजराइल, दुबई और सऊदी अरब जैसे देशों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दाग दीं। इससे यह पता चलता है कि ईरान और अमेरिका के बीच अविश्वास की खाई बहुत गहरी है। ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा है कि तेहरान की प्राथमिकता इस युद्ध को हमेशा के लिए खत्म करना है, न कि केवल कुछ दिनों का ब्रेक लेना। ईरान इसे एक अवैध युद्ध मानता है और नुकसान के लिए मुआवजे की मांग भी कर रहा है। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शुक्रवार को होने वाली शांति वार्ता इन सभी जटिल मुद्दों के समाधान की पहली कोशिश होगी।
| प्रमुख पक्ष |
प्रतिनिधि |
| संयुक्त राज्य अमेरिका |
डोनाल्ड ट्रंप, जेरेड कुशनर |
| ईरान |
सैय्यद अब्बास अराघची, मोजतबा खामेनेई |
| इजराइल |
बेंजामिन नेतन्याहू |
| पाकिस्तान (मध्यस्थ) |
शहबाज शरीफ, आसिम मुनीर |