Iran और US के बीच बढ़ा तनाव, ईरान ने इस्लामाबाद समझौते से हाथ खींचे; अमेरिका ने फिर शुरू किए हमले

World : ईरान और अमेरिका के बीच संबंध एक बार फिर बहुत खराब हो गए हैं। ईरान ने अमेरिका के साथ हुए ‘इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग’ (MoU) की शर्तों को मानने से इनकार कर दिया है। ईरान का कहना है कि अमेरिका

World : ईरान और अमेरिका के बीच संबंध एक बार फिर बहुत खराब हो गए हैं। ईरान ने अमेरिका के साथ हुए ‘इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग’ (MoU) की शर्तों को मानने से इनकार कर दिया है। ईरान का कहना है कि अमेरिका ने पहले समझौते का उल्लंघन किया, इसलिए अब वह अपनी प्रतिबद्धताएं पूरी नहीं करेगा।

यह पूरा मामला 17 जून 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और ईरानी राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian के बीच हुए एक समझौते से जुड़ा है। इस समझौते का मकसद 60 दिनों के लिए युद्ध रोकना और बातचीत के जरिए मामला सुलझाना था। इसमें अमेरिका को ईरान पर से प्रतिबंध हटाने और तेल निर्यात की अनुमति देने का वादा किया गया था, जबकि ईरान ने परमाणु हथियार न बनाने की बात कही थी।

तनाव तब बढ़ा जब 7 जुलाई 2026 के आसपास अमेरिका ने फिर से सैन्य हमले शुरू कर दिए। ईरान ने 13 या 14 जुलाई को आधिकारिक तौर पर ऐलान किया कि वह अब इस समझौते का पालन नहीं करेगा। ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने साफ कहा कि अब उनकी अमेरिका के प्रति कोई जिम्मेदारी नहीं बची है और उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका को अपने इस कदम पर पछतावा होगा।

दूसरी तरफ, राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि ईरान ने पहले समझौता तोड़ा था। उन्होंने धमकी दी है कि अगर कोई नया सौदा नहीं हुआ, तो अगले हफ्ते ईरान के पावर प्लांट और पुलों को निशाना बनाया जा सकता है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरानी बंदरगाहों की समुद्री नाकाबंदी भी फिर से लागू कर दी है।

पिछले 24 घंटों में हालात और बिगड़े हैं। ईरानी मीडिया के मुताबिक बंदर अब्बास और केशम द्वीप के पास धमाके हुए हैं। वहीं ईरान ने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य बेस पर ड्रोन हमला किया है। इस बीच, एक ईरानी हमले में कुवैत के चार नौसैनिक घायल हुए हैं। अमेरिका ने ईरान पर नए आर्थिक प्रतिबंध भी लगा दिए हैं, जिससे इस क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ गई है।