Iran और USA के बीच परमाणु जांच पर ठनी, ट्रंप के दावों को ईरान ने बताया झूठ
World : अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते को लेकर एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। अमेरिका का दावा है कि ईरान परमाणु जांच के लिए तैयार हो गया है, लेकिन ईरान ने इन बातों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। यह विवाद ऐसे समय में आय
World : अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते को लेकर एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। अमेरिका का दावा है कि ईरान परमाणु जांच के लिए तैयार हो गया है, लेकिन ईरान ने इन बातों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। यह विवाद ऐसे समय में आया है जब दोनों देश एक युद्धविराम ढांचे को अंतिम समझौते में बदलने के लिए 60 दिनों की प्रक्रिया पर काम कर रहे थे।
मामला तब शुरू हुआ जब 22 जून 2026 को अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने ऐलान किया कि ईरान ने IAEA (अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी) के निरीक्षकों को वापस आने देने पर सहमति जताई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इसे एक बड़ी जीत बताते हुए कहा कि ईरान भविष्य के लिए उच्चतम स्तर की जांच के लिए मान गया है। ट्रंप ने साफ चेतावनी दी कि अगर यह समझौता नहीं हुआ, तो आगे कोई बातचीत नहीं होगी।
दूसरी तरफ, 23 जून 2026 को ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाएई ने इन दावों को सिरे से नकार दिया। उन्होंने कहा कि ईरान ने IAEA के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी से कोई मुलाकात नहीं की है और न ही अपने क्षतिग्रस्त परमाणु केंद्रों की जांच कराने की कोई योजना बनाई है। ईरान का कहना है कि वह केवल अपने पुराने समझौतों और NPT के नियमों का पालन करेगा, लेकिन कोई नई शर्त नहीं मानेगा।
इस बीच, IAEA के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने कहा कि एजेंसी जांच जरूर करेगी और ईरान के संवर्धित यूरेनियम की लोकेशन का पता लगाना उनकी प्राथमिकता है। जून 2026 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के कई परमाणु केंद्रों की निगरानी पिछले एक साल से बंद थी और वहां यूरेनियम का काफी स्टॉक बिना हिसाब-किताब के मौजूद है।
हाल ही में स्विट्जरलैंड के बर्गनस्टॉक में अमेरिका, ईरान, कतर और पाकिस्तान के बीच बातचीत हुई थी। इसके बाद अमेरिका ने 60 दिनों के लिए ईरान पर से कुछ प्रतिबंध हटाए थे ताकि वह अपना तेल बेच सके। हालांकि, परमाणु जांच और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के नियंत्रण को लेकर अब फिर से खींचतान शुरू हो गई है। ईरान ने साफ कर दिया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य अब तेहरान के नियंत्रण में रहेगा और वह पुराने हालात में वापस नहीं जाएगा।