World News: ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव अब एक बहुत बड़े युद्ध की शक्ल लेता दिख रहा है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक सख्त समय-सीमा दी है, जिसके खत्म होने के बाद हमले की आशंका जताई जा रही है।
World News: ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव अब एक बहुत बड़े युद्ध की शक्ल लेता दिख रहा है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक सख्त समय-सीमा दी है, जिसके खत्म होने के बाद हमले की आशंका जताई जा रही है। इसका सीधा असर संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कुवैत और बहरीन जैसे देशों पर पड़ रहा है, जहां पहले ही हमले की खबरें आई हैं। आज की रात पूरे मध्य पूर्व के लिए काफी भारी बताई जा रही है।
ट्रंप की चेतावनी और ईरान के हमले की क्या है स्थिति?
अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 7 अप्रैल, 2026 की रात 8:00 बजे तक होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का समय दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि मांग पूरी नहीं हुई, तो ईरान के बिजली संयंत्रों और पुलों को निशाना बनाया जा सकता है। इधर, ईरान ने पहले ही 6 अप्रैल को कुवैत, UAE और बहरीन पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं। इन हमलों में तेल कंपनियों और ऊर्जा केंद्रों को भारी नुकसान पहुंचने की सूचना है।
किन देशों में हुआ है कितना नुकसान?
ईरान की ओर से किए गए हमलों के बाद खाड़ी देशों में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। नीचे दी गई तालिका में प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी दी गई है:
| देश |
प्रभावित क्षेत्र |
नुकसान का प्रकार |
| UAE |
अबू धाबी गैस और ऊर्जा साइट |
पेट्रोकेमिकल्स प्लांट में आग और लोग घायल |
| कुवैत |
तेल मंत्रालय और बिजली संयंत्र |
ड्रोन हमलों से भारी नुकसान और आग |
| बहरीन |
रिफाइनरी और स्टोरेज यूनिट |
ऑपरेशनल यूनिट्स पर हमला और सायरन की चेतावनी |
क्या परमाणु विकिरण से फैल सकता है खतरा?
ईरान के बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र के पास एक मिसाइल गिरने के बाद से डर का माहौल है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची ने चेतावनी दी है कि यदि संयंत्र पर लगातार हमले होते हैं, तो विकिरण फैल सकता है। यह विकिरण न केवल तेहरान, बल्कि सऊदी अरब, UAE, कुवैत, कतर और ओमान की राजधानियों तक पहुंच सकता है। इससे पूरे क्षेत्र में जनजीवन खत्म होने का खतरा पैदा हो गया है। फिलहाल मिस्र, पाकिस्तान और तुर्की युद्धविराम के लिए मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं।