Iran और US के बीच युद्ध बढ़ा, अमेरिकी हमलों में 30 से ज्यादा आम लोगों की मौत, ईरान ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
World: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब खूनी जंग में बदल गया है। अमेरिकी सेना द्वारा दक्षिणी ईरान पर किए गए हमलों में 30 से ज्यादा आम नागरिकों की मौत हो गई है और करीब 260 लोग घायल हुए हैं। इस हमले के बाद दोनों देशों के बीच
World: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब खूनी जंग में बदल गया है। अमेरिकी सेना द्वारा दक्षिणी ईरान पर किए गए हमलों में 30 से ज्यादा आम नागरिकों की मौत हो गई है और करीब 260 लोग घायल हुए हैं। इस हमले के बाद दोनों देशों के बीच युद्ध का खतरा काफी बढ़ गया है और ईरान ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है।
ईरान की सरकारी प्रवक्ता फातिमा मोहजेरानी ने बुधवार, 15 जुलाई 2026 को बताया कि इन हमलों में बड़ी संख्या में आम लोग मारे गए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता हुसैन केरमनपुर ने जानकारी दी कि घायल हुए 260 लोगों में से 222 का इलाज कर उन्हें छुट्टी दे दी गई है, जबकि घायलों में तीन बच्चे भी शामिल थे। इसके अलावा, ईरान की सेना ने बताया कि दक्षिण-पूर्वी ईरान के बम्पुर इलाके में एक बैरक पर अमेरिकी मिसाइल हमले में 388वीं ईरानशहर ब्रिगेड के सात जवान मारे गए।
अमेरिका के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि उन्होंने फाइटर जेट, ड्रोन और युद्धपोतों के जरिए ईरान के मिसाइल प्लेटफॉर्म और ड्रोन स्टोरेज जैसे सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। अमेरिका का दावा है कि ईरान ने पिछले एक हफ्ते में सात व्यापारिक जहाजों पर हमला किया था, इसलिए यह कार्रवाई की गई। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि अगर ईरान समझौता नहीं करता है, तो अगले हफ्ते पुलों और पावर प्लांट पर हमले तेज किए जाएंगे।
इस तनाव का असर अब आसपास के देशों पर भी पड़ने लगा है। ईरान ने अमेरिका के करीबियों बहरीन, कुवैत और जॉर्डन को निशाना बनाया है। जॉर्डन की सेना ने ईरान की तीन बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया। अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी भी कर दी है, जिसके जवाब में ईरान ने पश्चिम एशिया से तेल और गैस के निर्यात को रोकने की धमकी दी है। इससे आने वाले समय में दुनिया भर में तेल की कीमतों पर असर पड़ सकता है, जिसका सीधा असर भारत जैसे देशों की जेब पर पड़ेगा।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। ईरान का कहना है कि अमेरिका ने 17 जून 2026 को पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुए शांति समझौते की शर्तों को तोड़ दिया है। ईरान के संयुक्त राष्ट्र राजदूत सईद इरावानी ने सुरक्षा परिषद को पत्र लिखकर अमेरिका के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।