Iran में अमेरिकी हमले के बाद बच्चों के कैंसर अस्पताल से 211 मरीज शिफ्ट, ईरान ने कहा- यह बर्बर हमला है
World: ईरान के अह्वाज़ शहर में अमेरिका द्वारा किए गए हवाई हमलों के बाद एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। यहाँ के शाहिद बक़ाई अस्पताल, जो बच्चों के कैंसर के इलाज के लिए जाना जाता है, से 211 मरीजों को आनन-फानन में बाहर निकालना
World: ईरान के अह्वाज़ शहर में अमेरिका द्वारा किए गए हवाई हमलों के बाद एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। यहाँ के शाहिद बक़ाई अस्पताल, जो बच्चों के कैंसर के इलाज के लिए जाना जाता है, से 211 मरीजों को आनन-फानन में बाहर निकालना पड़ा। यह घटना बुधवार रात 15 जुलाई 2026 को हुई जब अमेरिकी हमला अस्पताल के पास किसी जगह पर हुआ था।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और इसे एक बर्बर हमला और बच्चों के खिलाफ कायरतापूर्ण युद्ध अपराध बताया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने कहा कि जो लोग मानवाधिकारों की बात करते हैं लेकिन अस्पतालों पर हमलों को नजरअंदाज करते हैं, वे अपनी नैतिक साख खो चुके हैं। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इन हमलों में अब तक कम से कम 35 आम नागरिकों की जान जा चुकी है।
अह्वाज़ यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज ने पुष्टि की है कि अस्पताल से निकाले गए सभी 211 बच्चों को शहर के अन्य अस्पतालों में सुरक्षित पहुंचा दिया गया है और उनका इलाज जारी है। इस दौरान किसी भी मरीज को चोट नहीं आई। दूसरी ओर, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने जानबूझकर बच्चों के कैंसर अस्पताल और एक फैक्ट्री जैसे नागरिक बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया है।
इस हमले के जवाब में ईरान ने गुरुवार 16 जुलाई 2026 को कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी हमले किए। ईरान ने जॉर्डन में भी अमेरिकी सुविधाओं पर ड्रोन हमले करने का दावा किया है। बहरीन ने ईरानी हमलों को रोकने की बात कही है, जबकि जॉर्डन की सेना ने आठ ईरानी मिसाइलों को मार गिराया। कुवैत के एयर डिफेंस ने भी जवाबी कार्रवाई की।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इन हमलों की बात स्वीकार की है। अमेरिका का कहना है कि उसका मकसद उन ईरानी सैन्य क्षमताओं को खत्म करना था, जो हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही के लिए खतरा पैदा कर रही थीं। इस तनाव के बीच पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान दोनों से अपील की है कि वे अपनी शत्रुता खत्म करें और बातचीत का रास्ता अपनाएं।