World: ईरान ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा है कि वह अमेरिका के साथ हुए युद्धविराम समझौते से पीछे हट सकता है। ईरानी नेतृत्व के करीबी सूत्रों का कहना है कि अगर इज़राइल ने लेबनान में अपने हमले जारी रखे, तो ईरान इस समझौते को
World: ईरान ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा है कि वह अमेरिका के साथ हुए युद्धविराम समझौते से पीछे हट सकता है। ईरानी नेतृत्व के करीबी सूत्रों का कहना है कि अगर इज़राइल ने लेबनान में अपने हमले जारी रखे, तो ईरान इस समझौते को खत्म मान लेगा। ईरान का मानना है कि इस समझौते की शर्तें सभी क्षेत्रों के लिए लागू होती हैं और इज़राइल के हमले इसका उल्लंघन हैं।
ईरान ने सीजफायर को लेकर क्या शर्त रखी है?
ईरान की Tasnim News Agency ने ईरानी नेतृत्व के हवाले से यह खबर दी है। तेहरान का कहना है कि इज़राइल लेबनान पर सैन्य कार्रवाई करके युद्धविराम की शर्तों को तोड़ रहा है। ईरान ने पहले ही साफ कर दिया था कि यह समझौता हर जगह के लिए है, जिसमें लेबनान का इलाका भी शामिल है। अगर इज़राइल की तरफ से गोलाबारी और हमले बंद नहीं हुए, तो ईरान समझौते से पूरी तरह बाहर निकल जाएगा।
इस चेतावनी का मध्य पूर्व की शांति पर क्या असर पड़ेगा?
ईरान की इस धमकी के बाद कुछ ही दिन पहले हुए इस समझौते की मजबूती पर सवाल खड़े होने लगे हैं। अगर ईरान इस सीजफायर से अलग होता है, तो पूरे इलाके में फिर से भीषण युद्ध छिड़ने का खतरा पैदा हो जाएगा। इसके प्रभाव इस तरह हो सकते हैं:
- लेबनान और इज़राइल सीमा पर हिंसा दोबारा भड़क सकती है।
- क्षेत्रीय शांति के लिए किए जा रहे अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को झटका लग सकता है।
- ईरान और इज़राइल के बीच सीधे टकराव की स्थिति बन सकती है।
इस पूरे मामले ने अब वैश्विक स्तर पर हलचल बढ़ा दी है क्योंकि ईरान का पीछे हटना शांति वार्ता को पूरी तरह विफल कर सकता है।