Middle East में तनाव बढ़ा, Iran ने Bahrain में US सैन्य बेस पर किए ड्रोन हमले
World : मिडिल ईस्ट में हालात एक बार फिर बिगड़ गए हैं। ईरान ने दावा किया है कि उसने बहरीन में मौजूद अमेरिका के शेख ईसा एयर बेस (Sheikh Isa Air Base) को निशाना बनाया है। यह हमला अमेरिका द्वारा ईरान के ठिकानों पर किए गए पिछ
World : मिडिल ईस्ट में हालात एक बार फिर बिगड़ गए हैं। ईरान ने दावा किया है कि उसने बहरीन में मौजूद अमेरिका के शेख ईसा एयर बेस (Sheikh Isa Air Base) को निशाना बनाया है। यह हमला अमेरिका द्वारा ईरान के ठिकानों पर किए गए पिछले हमलों का जवाब बताया जा रहा है।
ईरानी सेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के मुताबिक, ये ड्रोन हमले 7 और 8 जुलाई 2026 की सुबह शुरू हुए। ईरान का कहना है कि अमेरिका ने 14 पॉइंट वाले एक समझौते (MoU) को तोड़ा, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। IRGC ने यह भी दावा किया कि उन्होंने बहरीन के अलावा कुवैत के अली अल-सलेम और अहमद अल-जाबर एयर बेस समेत कुल 85 अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है।
दूसरी तरफ, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि उन्होंने ईरान के अंदर 80 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमला किया था। अमेरिका का कहना है कि ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तीन व्यापारिक जहाजों पर हमला किया था, जिसके जवाब में यह कार्रवाई हुई। वहीं, कुवैत की सेना ने पुष्टि की है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने दुश्मन के हमलों को रोकने की कोशिश की।
इस तनाव का असर आम लोगों पर भी दिख रहा है। बहरीन में एयर रेड सायरन बजने लगे और लोगों में डर का माहौल रहा। नाटो (NATO) के महासचिव मार्क रूट ने अमेरिका के हमलों को जरूरी बताया है। ईरान ने अब चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखी, तो इलाके में मौजूद सभी अमेरिकी बेस उसके निशाने पर होंगे।