Middle East में तनाव बढ़ा, ईरान ने कई देशों पर किए मिसाइल और ड्रोन हमले, अमेरिका ने भी किया पलटवार
World: मिडिल ईस्ट में हालात एक बार फिर गंभीर हो गए हैं। ईरान ने रविवार, 12 जुलाई 2026 को कुवैत, कतर, ओमान, जॉर्डन और बहरीन जैसे देशों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए। इन हमलों के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा का खतरा बढ़ गया
World: मिडिल ईस्ट में हालात एक बार फिर गंभीर हो गए हैं। ईरान ने रविवार, 12 जुलाई 2026 को कुवैत, कतर, ओमान, जॉर्डन और बहरीन जैसे देशों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए। इन हमलों के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा का खतरा बढ़ गया है और कई देशों ने इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया है।
UAE ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है और इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा माना है। UAE के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह प्रभावित देशों के साथ खड़ा है। UAE के डिफेंस मंत्रालय के मुताबिक, उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने दुश्मन की बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन्स को हवा में ही रोक लिया।
जॉर्डन ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया और कहा कि उसकी सेना ने अपनी सीमा की ओर आने वाली 8 मिसाइलों को नाकाम किया। कुवैत और बहरीन में भी एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव रहे और वहां भी हमलों को रोकने की कोशिश की गई। कतर में मलबे गिरने से एक बच्चे समेत तीन लोग घायल हो गए। ओमान ने इस घटना के बाद ईरान के राजदूत को तलब किया।
दूसरी तरफ, अमेरिका ने भी इस लड़ाई में एंट्री की है। अमेरिका ने 12 जुलाई को ही ईरान के खिलाफ तीसरे दौर के हमले किए। U.S. Central Command के अनुसार, अमेरिका ने ईरान में मिसाइल साइट्स, ड्रोन ठिकानों और संचार नेटवर्क समेत करीब 140 लक्ष्यों को निशाना बनाया। यह कार्रवाई ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में एक कमर्शियल जहाज पर हमले के जवाब में की गई।
ईरान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण Strait of Hormuz को बंद करने का ऐलान किया है। वहीं ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का दावा है कि उन्होंने जॉर्डन में कमांड सेंटर, कुवैत में अमेरिकी रडार साइट और कतर व ओमान में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इस तनाव का असर वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों और व्यापार पर पड़ सकता है, जिससे भारत जैसे देशों में भी महंगाई बढ़ सकती है।