Jordan में US सैन्य ठिकाने पर ईरान का मिसाइल हमला, IRGC ने किया दावा

World: ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने जॉर्डन के Al-Azraq एयर बेस पर अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइल हमले करने का दावा किया है। ईरान के मुताबिक यह हमला अमेरिकी सेना के कमांड सेंटर और विमानों के सपोर्ट

World: ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने जॉर्डन के Al-Azraq एयर बेस पर अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइल हमले करने का दावा किया है। ईरान के मुताबिक यह हमला अमेरिकी सेना के कमांड सेंटर और विमानों के सपोर्ट एरिया को तबाह करने के लिए किया गया था। यह पूरा मामला अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और हालिया सैन्य कार्रवाइयों का नतीजा बताया जा रहा है।

IRGC ने जानकारी दी कि 9 जुलाई 2026 को उनके एयरोस्पेस फोर्स ने करीब 10 से 12 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इस हमले में F-15, F-16 और F-35 जैसे लड़ाकू विमानों के हैंगर और MQ-9 रीपर ड्रोन को निशाना बनाया गया। ईरान ने इसे अपनी पिछली सैन्य कार्रवाइयों का दूसरा चरण बताया है। ईरान ने चेतावनी भी दी कि अगर अमेरिकी सेना ने दोबारा हमला किया, तो इलाके के अन्य अमेरिकी ठिकानों को भी नहीं बख्शा जाएगा। इसके साथ ही IRGC ने जॉर्डन के लोगों से अमेरिकी सेना को वहां से हटाने की मांग करने को कहा।

दूसरी तरफ, जॉर्डन की सरकार और सेना ने अलग बात कही है। जॉर्डन के प्रवक्ता ने बताया कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान की तरफ से आई 8 मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया। जॉर्डन ने साफ किया कि इस हमले में कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है और उनकी सेना हाई अलर्ट पर है।

तनाव इतना बढ़ गया कि 16 जुलाई 2026 को ईरान ने फिर से Al-Azraq एयर बेस पर ड्रोन हमला करने का दावा किया। ईरान ने इसे ‘ऑपरेशन साएकह’ का नौवां चरण बताया, जिसमें रडार सिस्टम और फ्यूल डिपो को निशाना बनाया गया। हालांकि, जॉर्डन की सेना ने एक बार फिर पुष्टि की कि उन्होंने सुबह के समय आई 8 मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोक लिया और कोई नुकसान नहीं हुआ। यह पूरा विवाद जुलाई की शुरुआत में अमेरिका द्वारा ईरान के सैन्य ठिकानों पर किए गए हमलों के बाद शुरू हुआ था।