Iran और France के बीच तनाव बढ़ा, दो फ्रांसीसी राजनयिकों की गिरफ्तारी पर मचा बवाल
World : ईरान और फ्रांस के बीच राजनयिक संबंधों में बड़ी कड़वाहट आ गई है। ईरान ने फ्रांस पर अपने आंतरिक मामलों में दखल देने का आरोप लगाया है। यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब ईरान की सुरक्षा एजेंसियों ने दो फ्रांसीसी राजनयिकों
World : ईरान और फ्रांस के बीच राजनयिक संबंधों में बड़ी कड़वाहट आ गई है। ईरान ने फ्रांस पर अपने आंतरिक मामलों में दखल देने का आरोप लगाया है। यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब ईरान की सुरक्षा एजेंसियों ने दो फ्रांसीसी राजनयिकों को हिरासत में ले लिया। ईरान का दावा है कि ये अधिकारी देश के खिलाफ साजिश रच रहे थे।
घटना 19 जुलाई 2026 की है, जब ईरान की खुफिया एजेंसी ने विदेशी घुसपैठ के संदिग्धों को पकड़ने के लिए एक ऑपरेशन चलाया था। इसी दौरान दो फ्रांसीसी राजनयिक एक गुप्त बैठक में मिले और उन्हें हिरासत में ले लिया गया। ईरान के खुफिया मंत्रालय ने 15 अगस्त 2026 को आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि ये राजनयिक ईरान की आजादी को निशाना बनाने और प्रभाव बढ़ाने के एक बड़े प्रोजेक्ट में शामिल थे। ईरान ने यह भी कहा कि इस प्रोजेक्ट से जुड़े कागजों पर फ्रांस के पूर्व राजदूत के हस्ताक्षर थे।
दूसरी तरफ, फ्रांस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। फ्रांस के विदेश मंत्री Jean-Noël Barrot ने कहा कि यह राजनयिक छूट (Diplomatic Immunity) का गंभीर उल्लंघन है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक राजनयिक के साथ मारपीट की गई और उन्हें काफी देर तक बिना किसी वजह के पूछताछ के लिए रोके रखा गया। फ्रांस का कहना है कि उनके राजनयिक केवल नागरिक समाज के कार्यक्रमों पर काम कर रहे थे।
इस मामले में यूरोपीय संघ (EU) ने भी अपनी नाराजगी जताई है। EU की विदेश मामलों की प्रमुख Kaja Kallas ने इसे वियना कन्वेंशन का खुला उल्लंघन बताया और ईरान से दोषियों की जवाबदेही तय करने को कहा। ईरान ने बाद में इन अधिकारियों को फ्रांस के राजदूत को सौंप दिया, लेकिन साथ ही चेतावनी दी कि अगर ऐसी गतिविधियां दोबारा हुईं तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।