Iran ने UN में किया बड़ा दावा, कहा- Houthis हमारे इशारों पर नहीं चलते

World : ईरान ने संयुक्त राष्ट्र (UN) को एक चिट्ठी लिखकर साफ़ किया है कि यमन का हूती आंदोलन उसके इशारे पर काम नहीं कर रहा है। ईरान ने उन तमाम आरोपों को खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि यमन में हूती समूह की हर हरकत पर ते

World : ईरान ने संयुक्त राष्ट्र (UN) को एक चिट्ठी लिखकर साफ़ किया है कि यमन का हूती आंदोलन उसके इशारे पर काम नहीं कर रहा है। ईरान ने उन तमाम आरोपों को खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि यमन में हूती समूह की हर हरकत पर तेहरान का कंट्रोल है।

ईरान के UN प्रतिनिधि राजदूत आमिर सईद इरावानी ने UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष को लिखे पत्र में कहा कि हूती समूह (अंसार अल्लाह) के बारे में लगाए गए आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। उन्होंने बताया कि सना में मौजूद अधिकारी यमन के लोगों के एक बड़े हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं और वे अपने देश के हितों को देखते हुए खुद फैसले लेते हैं।

यह पूरा विवाद तब बढ़ा जब 15 जुलाई 2026 को UN सुरक्षा परिषद की बैठक हुई। इस बैठक में अमेरिका के राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने सीधा आरोप लगाया कि हूती समूह तेहरान के मोहरे हैं और ईरान जानबूझकर समुद्री रास्तों की आजादी में बाधा डाल रहा है। अमेरिका का मानना है कि हूती समूह की हरकतें ईरान की बड़ी रणनीति का हिस्सा हैं।

इससे पहले 13 और 14 जुलाई को भी अमेरिका ने दावा किया था कि ईरान ने 3 जुलाई को तेहरान से सना के लिए एक फ्लाइट भेजी थी। अमेरिका के मुताबिक इस फ्लाइट में हूती अधिकारियों के बहाने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के ड्रोन और मिसाइल एक्सपर्ट्स को भेजा गया था। अमेरिका इसे UN सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2216 का उल्लंघन मान रहा है, जो हूतियों को हथियारों की सप्लाई पर रोक लगाता है।

दूसरी तरफ, यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने भी ईरान की एक और फ्लाइट की मांग को ठुकरा दिया है। सरकार का कहना है कि सना एयरपोर्ट हूतियों के कंट्रोल में है और वहां सीधे ईरानी फ्लाइट्स का आना उनकी संप्रभुता का उल्लंघन है। उन्हें डर है कि इन फ्लाइट्स के जरिए सैन्य कर्मी और हथियार भेजे जा रहे हैं।