Iran ने Jordan के एयर बेस पर किया हमला, अमेरिका के ड्रोन हैंगर तबाह करने का दावा

World : मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उन्होंने जॉर्डन के प्रिंस हसन एयर बेस पर हमला किया है। ईरान का कहना है कि इस हमले में वहां मौजूद एक कमांड-एं

World : मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उन्होंने जॉर्डन के प्रिंस हसन एयर बेस पर हमला किया है। ईरान का कहना है कि इस हमले में वहां मौजूद एक कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर और MQ-9 ड्रोन के हैंगर पूरी तरह नष्ट हो गए हैं।

यह हमला 12 जुलाई 2026 को हुआ। ईरान ने इसे अमेरिका द्वारा अपने ठिकानों पर किए गए हमलों का बदला बताया है। हालांकि, जॉर्डन और अमेरिका ने अभी तक इस हमले की पुष्टि नहीं की है और न ही किसी नुकसान की आधिकारिक जानकारी दी है। इससे पहले 9 जुलाई को भी ईरान ने जॉर्डन के अल-अज़राक एयर बेस को निशाना बनाने का दावा किया था, जिसके बाद सैटेलाइट तस्वीरों में वहां कुछ हैंगर क्षतिग्रस्त दिखे थे।

इस बीच अमेरिका के डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ ने 12 जुलाई को चेतावनी दी कि ईरान को अपने इस फैसले की भारी कीमत चुकानी होगी। मिडिल ईस्ट के अन्य देशों में भी हलचल बढ़ गई है। बहरीन में मिसाइल चेतावनी के सायरन बजे और कतर ने भी मिसाइल हमले को रोकने की बात कही है। वहीं UAE के एयर डिफेंस सिस्टम ने भी मिसाइल और ड्रोन के खतरों का जवाब दिया।

तनाव का असर समुद्र में भी दिखा, जहां ओमान के पास एक कंटेनर शिप में आग लग गई। बताया जा रहा है कि हमले के बाद चालक दल ने जहाज छोड़ दिया। जॉर्डन की सेना ने साफ किया है कि वह हाई अलर्ट पर है और अपनी जमीन को युद्ध का मैदान नहीं बनने देगी। इससे पहले 9 जुलाई को जॉर्डन ने ईरान से आई 8 मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया था।