Iran और US के बीच तनाव बढ़ा, जॉर्डन में अमेरिकी एयरबेस पर मिसाइल हमले का दावा
World: ईरान और अमेरिका के बीच जंग जैसी स्थिति बन गई है। ईरान ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन में मौजूद एक अमेरिकी सैन्य एयरबेस को निशाना बनाया है। यह हमला अमेरिका द्वारा ईरान से जुड़े ठिकानों पर किए गए हवाई हमलों के जवाब
World: ईरान और अमेरिका के बीच जंग जैसी स्थिति बन गई है। ईरान ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन में मौजूद एक अमेरिकी सैन्य एयरबेस को निशाना बनाया है। यह हमला अमेरिका द्वारा ईरान से जुड़े ठिकानों पर किए गए हवाई हमलों के जवाब में किया गया है। इस घटना के बाद पूरे मिडिल ईस्ट इलाके में अस्थिरता का खतरा बढ़ गया है।
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बताया कि उन्होंने जॉर्डन के प्रिंस हसन एयरबेस पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया। ईरान का कहना है कि इस हमले में वहां मौजूद कई फ्यूल डिपो और गोला-बारूद रखने वाली जगहों पर आग लग गई। इसके साथ ही ईरान ने बहरीन और कुवैत में भी अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की बात कही है। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखी, तो वह और भी कड़े कदम उठाएगा।
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के खिलाफ पांच घंटे का बड़ा ऑपरेशन चलाया। अमेरिका ने बुशहर, चाबहार, जस्क और बंदर अब्बास जैसे इलाकों में ईरानी तटीय रक्षा प्रणालियों और मिसाइल साइटों पर हमला किया। अमेरिका का मकसद ईरान की उस क्षमता को कम करना था जिससे वह व्यापारिक जहाजों पर हमला करता है। साथ ही, राष्ट्रपति ट्रंप ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी जहाजों की आवाजाही पर फिर से पाबंदी लगा दी है।
दूसरी तरफ, जॉर्डन की सेना ने ईरान के दावों को खारिज किया है। जॉर्डन ने बताया कि उन्होंने ईरान की ओर से आई चार मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया। जॉर्डन के मुताबिक प्रिंस हसन एयरबेस पर कोई हमला नहीं हुआ और न ही वहां कोई नुकसान हुआ है। अमेरिकी अधिकारियों ने भी अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं की है कि उनके किसी बेस पर हमला हुआ है या वहां कोई हताहत हुए हैं।
इस तनाव का असर अब आसपास के देशों में भी दिख रहा है। बहरीन में मिसाइल अलर्ट के सायरन बजे और लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने को कहा गया। कतर ने ईरान के इन हमलों की निंदा की है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस स्थिति पर गहरी चिंता जताई है और दोनों देशों से बातचीत शुरू करने की अपील की है।