Iran और US के बीच तनाव बढ़ा, ईरान ने UN से अमेरिकी हमलों की जांच करने की मांग की
World: ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय (UN Human Rights Office) से अमेरिकी हमलों और कथित नौसैनिक नाकेबंदी की जांच करने की अपील की है। ईरान का
World: ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय (UN Human Rights Office) से अमेरिकी हमलों और कथित नौसैनिक नाकेबंदी की जांच करने की अपील की है। ईरान का कहना है कि अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करते हुए उसके सैन्य और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाया है।
ईरान के राजदूत अली बहरेनी ने जिनेवा में UN मानवाधिकार प्रमुख को पत्र लिखकर इन हमलों की कड़ी निंदा करने को कहा है। उन्होंने बताया कि अमेरिका ने ईरान के दक्षिणी बंदरगाहों पर हमले किए हैं, जिससे आम नागरिकों की जान गई है और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। ईरान ने इस बात पर दुख जताया है कि UN ने अब तक इन हमलों की सार्वजनिक रूप से निंदा नहीं की है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 16 जुलाई 2026 को अमेरिकी सेना ने ईरान के दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी इलाकों में कई शहरों और पांच पुलों को निशाना बनाया। Bandar Abbas के एक रिहायशी इलाके में हुए हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और आठ लोग घायल हुए। वहीं, Bandar Khamir के पास दो पुलों पर हुए हमले में सात लोगों की जान चली गई और नौ लोग घायल हुए। इन हमलों में Gariveh और Kahurestan जैसे महत्वपूर्ण पुल शामिल हैं, जो ईरान की सैन्य आवाजाही और रसद के लिए बहुत जरूरी माने जाते हैं।
हमलों का असर सिर्फ बंदरगाहों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि Iranshahr, Qeshm Island, Sirik, Bushehr और Ahvaz जैसे शहरों में भी कमांड सेंटर और एयर डिफेंस साइट्स को निशाना बनाया गया। खबर यह भी है कि इस बार अमेरिकी हमले पहली बार तेहरान तक पहुंचे। इसके अलावा, दक्षिण-पश्चिम ईरान में एक कैंसर अस्पताल के पास हुए हमलों के कारण मरीजों को वहां से निकालना पड़ा।
सैन्य हमलों के साथ-साथ अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी (Naval Blockade) भी फिर से शुरू कर दी है। इसका मकसद ईरान की अर्थव्यवस्था पर दबाव बनाना और Strait of Hormuz से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा करना है। जवाब में ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर हमले नहीं रुके, तो वह मध्य पूर्व से होने वाले ऊर्जा निर्यात को रोक सकता है और Strait of Hormuz को पूरी तरह बंद कर सकता है।
ईरान ने UN सुरक्षा परिषद में शिकायत दर्ज कराई है कि अमेरिका ने जून 2026 में हुए इस्लामाबाद समझौते (MoU) का 42 बार उल्लंघन किया है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने चेतावनी दी थी कि अगर कूटनीति काम नहीं आई, तो अमेरिका अपने लक्ष्यों की सूची बढ़ाएगा और ईरान के पावर प्लांट और पुलों को तबाह कर देगा। US Central Command ने माना है कि उन्होंने ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं।