Iran ने Kuwait में US सैन्य ठिकानों पर किए ड्रोन और मिसाइल हमले, तनाव बढ़ा
World: ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कुवैत में मौजूद अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। ईरान का कहना है कि उसने ड्रोन और मिसाइलों के जरिए अमेरिका के संचार केंद्रों, रडार सिस्टम और अली अल सालेम एयर ब
World: ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कुवैत में मौजूद अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। ईरान का कहना है कि उसने ड्रोन और मिसाइलों के जरिए अमेरिका के संचार केंद्रों, रडार सिस्टम और अली अल सालेम एयर बेस से जुड़े सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरान ने इन हमलों को अमेरिका द्वारा ईरान के अंदर किए गए हमलों का जवाब बताया है।
IRGC के मुताबिक यह हमला उनके ‘नास्र 2’ ऑपरेशन की आठवीं लहर का हिस्सा था। कुछ रिपोर्ट्स में इसे ‘ऑपरेशन लाइटनिंग’ का 10वां चरण भी कहा गया है। इससे पहले 15 जुलाई 2026 को भी कैंप अरिफजन और मीना अब्दुल्ला के KJL फैसिलिटी पर हमले किए गए थे। ईरान ने कुवैत सरकार से अपील की है कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल अमेरिका को हमले करने के लिए न करने दे और अमेरिकी सेना को कुवैत से बाहर निकाले।
कुवैत की सेना ने बताया कि 16 जुलाई को उनके एयर डिफेंस ने दुश्मन के ड्रोन को रोकने के लिए कार्रवाई की। देश के कुछ हिस्सों में धमाकों की आवाज सुनाई दी, जो मिसाइलों और ड्रोन को रोकने के दौरान हुए। कुवैत प्रशासन के अनुसार 4 मिसाइलें और 21 ड्रोन रोके गए, जिससे कुछ सामान का नुकसान हुआ लेकिन कोई जानमाल की हानि नहीं हुई।
दूसरी तरफ, US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि ईरान ने खाड़ी देशों पर दर्जनों मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं। अमेरिका ने भी 16 जुलाई की सुबह ईरान के कमांड सेंटर्स, एयर डिफेंस साइट्स और तटीय निगरानी केंद्रों पर जवाबी हमले किए। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के बुनियादी ढांचे को खत्म करने की धमकी पूरी की, तो वह क्षेत्र में सभी अमेरिकी ठिकानों पर बड़ा हमला करेगा। साथ ही ईरान ने कहा है कि जब तक अमेरिकी हमले नहीं रुकते, हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद रहेगा।