हॉर्मुज जलडमरूमध्य में सऊदी टैंकर पर ईरान का हमला, UAE ने जताया सऊदी अरब का समर्थन
World : हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास सऊदी अरब के तेल टैंकर ‘Wadiyan’ पर ईरान द्वारा किए गए हमले के बाद तनाव बढ़ गया है। इस घटना के बाद UAE ने सऊदी अरब के प्रति अपनी पूरी एकजुटता दिखाई है। अबू धाबी का कहना है कि
World : हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास सऊदी अरब के तेल टैंकर ‘Wadiyan’ पर ईरान द्वारा किए गए हमले के बाद तनाव बढ़ गया है। इस घटना के बाद UAE ने सऊदी अरब के प्रति अपनी पूरी एकजुटता दिखाई है। अबू धाबी का कहना है कि समुद्री रास्तों पर इस तरह के हमले क्षेत्रीय स्थिरता और दुनिया भर के व्यापार के लिए बड़ा खतरा हैं।
यह हमला 7 जुलाई 2026 को हुआ था, जिसमें सऊदी टैंकर ‘Wadiyan’ के साथ-साथ कतरी जहाज ‘Al Rekayyat’ को भी निशाना बनाया गया। सऊदी अरब की नेशनल शिपिंग कंपनी Bahri ने 8 जुलाई को पुष्टि की कि ‘Wadiyan’ सुरक्षित है और उसके सभी क्रू मेंबर्स को कोई चोट नहीं आई है। हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक ‘Wadiyan’ ओमान के तट के पास क्षतिग्रस्त हुआ और कतरी जहाज के इंजन रूम के पास आग लग गई थी।
इस हमले के बाद दुनिया भर के देशों में हलचल मच गई है। GCC महासचिव जासेम मोहम्मद अलबुदईवी ने इसे ईरान की ‘आपराधिक कार्रवाई’ बताया है। सऊदी अरब, बहरीन, मिस्र, जॉर्डन और कतर ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की है। इन देशों का कहना है कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का खुला उल्लंघन है।
इस तनाव का असर वैश्विक बाजार पर भी पड़ा है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य में असुरक्षा के डर से कच्चे तेल की कीमतों में 5 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोत्तरी देखी गई। साथ ही, 8 जुलाई को चार अन्य तेल और गैस टैंकरों ने सुरक्षा कारणों से अपना रास्ता बदल लिया। दूसरी तरफ, अमेरिका ने ईरान के तेल की बिक्री से जुड़े एक जनरल लाइसेंस को रद्द कर दिया और अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया कि उन्होंने ईरान में 80 से ज्यादा ठिकानों पर हमले किए हैं।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने इस मामले पर कहा कि जो जहाज बिना तालमेल के रास्तों का इस्तेमाल करते हैं या ट्रैकिंग सिस्टम से छेड़छाड़ करते हैं, वे खुद को जोखिम में डालते हैं।