Hormuz जलडमरूमध्य में ईरान का कतरी जहाज पर हमला, UAE और कतर ने जताई कड़ी नाराजगी

World : ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास कतर के एक LNG जहाज ‘Al Rakeyyat’ पर हमला किया है। इस घटना के बाद UAE और कतर ने ईरान की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। इस हमले में दो अन्य कमर्शियल टैंकर भी चपेट में

World : ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास कतर के एक LNG जहाज ‘Al Rakeyyat’ पर हमला किया है। इस घटना के बाद UAE और कतर ने ईरान की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। इस हमले में दो अन्य कमर्शियल टैंकर भी चपेट में आए हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

यह हमला 6 और 7 जुलाई 2026 की दरमियानी रात को हुआ। UAE के विदेश मंत्रालय ने इसे एक ‘शत्रुतापूर्ण हमला’ बताया है। UAE का कहना है कि कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाना क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। साथ ही, UAE ने इसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का खुला उल्लंघन बताया है और कतर के साथ अपनी एकजुटता जाहिर की है।

कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजेद अल अंसारी ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन करार दिया। कतर ने ईरान को इस हमले और इससे होने वाले किसी भी नुकसान के लिए पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया है। विरोध जताने के लिए कतर ने ईरान के डिप्टी एम्बेसडर को बुलाकर उन्हें विरोध पत्र (protest note) भी सौंपा है।

दूसरी तरफ, ईरान के सरकारी प्रसारक IRIB ने दावा किया कि जहाज को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वह अमेरिकी नौसेना की मदद से ओमान रूट से गुजरने की कोशिश कर रहा था और ईरान की चेतावनियों को नजरअंदाज किया। ईरान चाहता है कि जहाज उसके तट के करीब वाले उत्तरी रूट का इस्तेमाल करें।

ब्रिटिश सैन्य एजेंसी UKMTO की रिपोर्ट के अनुसार, एक जहाज पर अज्ञात मिसाइल गिरने से आग लग गई, दूसरे को ढांचागत नुकसान हुआ और तीसरे जहाज पर एक ड्रोन (UAV) से हमला किया गया। कतरी जहाज Al Rakeyyat के इंजन रूम में आग लगी हुई है, जिससे उसके फटने का खतरा बना हुआ है। हालांकि, राहत की बात यह है कि अब तक किसी के हताहत होने या तेल रिसाव की खबर नहीं आई है।

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता बिना किसी नतीजे के खत्म हुई है। इससे पहले ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने रेडियो के जरिए जहाजों को चेतावनी दी थी कि उनके मिसाइल और ड्रोन हमले के लिए तैयार हैं।