Kuwait पर ईरान का हमला, बिजली और पानी प्लांट में लगी आग, कई यूनिट हुए खराब

World : मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ गया है। ईरान ने शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 को Kuwait के एक पावर जनरेशन और वॉटर डिस्टिलेशन प्लांट पर हमला किया। इस हमले की वजह से प्लांट में भीषण आग लग गई और बिजली बनाने वाली कई यूनिट्स को

World : मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ गया है। ईरान ने शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 को Kuwait के एक पावर जनरेशन और वॉटर डिस्टिलेशन प्लांट पर हमला किया। इस हमले की वजह से प्लांट में भीषण आग लग गई और बिजली बनाने वाली कई यूनिट्स को नुकसान पहुंचा है।

Kuwait के बिजली, पानी और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने इस हमले की पुष्टि की है। मंत्रालय के मुताबिक, हमले के बाद तुरंत इमरजेंसी प्लान लागू किया गया ताकि बिजली ग्रिड को स्थिर रखा जा सके। Kuwait फायर फोर्स ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पा लिया है। वहीं, Kuwait के जनरल स्टाफ ने बताया कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने मिसाइल हमलों और दुश्मन के ड्रोन्स को रोकने की कोशिश की।

दूसरी तरफ, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। ईरान का कहना है कि यह उनकी जवाबी कार्रवाई का हिस्सा था और उन्होंने Kuwait में मौजूद एक अमेरिकी सैन्य बेस को निशाना बनाया। ईरान के मुताबिक, उन्होंने मिसाइल डिफेंस रडार, हथियारों के डिपो और दो HIMARS लॉन्चरों को टारगेट किया।

इस हमले का आम जनता पर सीधा असर पड़ सकता है क्योंकि Kuwait अपनी पीने के पानी की 90 प्रतिशत जरूरत डिसेलिनेशन प्लांट से पूरी करता है। मंत्रालय ने वहां के नागरिकों और निवासियों से अपील की है कि वे बिजली की खपत कम करें ताकि ग्रिड को संभाला जा सके। फिलहाल तकनीकी टीमें प्लांट के नुकसान का जायजा ले रही हैं और बिजली-पानी की सेवाओं को पूरी तरह बहाल करने के लिए दिन-रात काम कर रही हैं।

बता दें कि फरवरी से ही अमेरिका और इजरायल के ईरान के खिलाफ अभियान के बाद से इलाके में तनाव बढ़ा हुआ है। इससे पहले मार्च और अप्रैल 2026 में भी ईरान ने Kuwait के पावर और वॉटर इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले किए थे। UAE ने भी ईरान द्वारा किए गए इन ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की है।