Delhi: नकली दवा रैकेट केस में IPS दीपक गहलोत को जेल, कोर्ट ने CBI की रिमांड अर्जी खारिज की

Delhi: नकली दवाइयों के कारोबार से जुड़े रिश्वत मामले में हरियाणा कैडर के IPS अधिकारी Deepak Gahlawat की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली की Rouse Avenue Court ने CBI की उस मांग को ठुकरा दिया है जिसमें अधिकारी को पुलिस कस्टडी

Delhi: नकली दवाइयों के कारोबार से जुड़े रिश्वत मामले में हरियाणा कैडर के IPS अधिकारी Deepak Gahlawat की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली की Rouse Avenue Court ने CBI की उस मांग को ठुकरा दिया है जिसमें अधिकारी को पुलिस कस्टडी में लेने की बात कही गई थी। कोर्ट ने अब उन्हें 16 जुलाई तक न्यायिक हिरासत यानी जेल भेजने का आदेश दिया है।

CBI का आरोप है कि दीपक गहलोत ने नकली दवा रैकेट के मुख्य आरोपी N. Raja से 3 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी, जिसमें से 1 करोड़ रुपये ले लिए गए थे। आरोप यह भी है कि गहलोत ने CBI की जांच को प्रभावित करने और आरोपी को फायदा पहुंचाने का दावा किया था। इस मामले में CBI ने 8 जून 2026 को FIR दर्ज की थी, जिसमें दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर Pradeep Kumar Singh और एक बिचौलिए Rajkumar का भी नाम शामिल था।

कोर्ट की सुनवाई के दौरान जज Sushant Changotra ने CBI से कड़े सवाल पूछे। कोर्ट ने पूछा कि जब दीपक गहलोत पहले भी कई बार जांच में शामिल हुए थे, तो उनसे उन CBI अधिकारियों के नाम क्यों नहीं पूछे गए जिन्हें वह प्रभावित करने की बात कह रहे थे। वहीं, दीपक गहलोत ने कोर्ट में इन सभी आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने जांच के दौरान किसी भी CBI अधिकारी से संपर्क नहीं किया और उनके खातों से कोई अवैध पैसा नहीं मिला है।

CBI ने अपनी जांच के दौरान कुछ अहम सबूतों का दावा किया है, जिसकी जानकारी नीचे दी गई है:

विवरण जानकारी
रिकवर की गई रकम 25 लाख रुपये ट्रैप मनी और 90 लाख रुपये कैश
मुख्य आरोपी N. Raja (पुदुचेरी का नकली दवा रैकेट)
रिश्वत की मांग 3 करोड़ रुपये (14 मई 2026 को मीटिंग के दौरान)
अन्य आरोपी इंस्पेक्टर Pradeep Kumar Singh और Rajkumar
बिचौलिया Prabhat Kapoor (जिससे 1 करोड़ रुपये मिले)

फिलहाल CBI इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे। दीपक गहलोत फिलहाल केंद्र सरकार के प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली में DGCA या BCAS में रीजनल डायरेक्टर के तौर पर तैनात थे।