Delhi में IOA ने शुरू किया ‘Clean Sport Campaign’, नीरज चोपड़ा फाउंडेशन के साथ मिलकर खिलाड़ियों को डोपिंग से बचाएंगे
Delhi: भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने राजधानी दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में दूसरा एथलीट्स फोरम 2026 आयोजित किया। इस मौके पर खिलाड़ियों को डोपिंग के खतरों से बचाने और खेल में ईमानदारी लाने के लिए ‘Clean Spo
Delhi: भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने राजधानी दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में दूसरा एथलीट्स फोरम 2026 आयोजित किया। इस मौके पर खिलाड़ियों को डोपिंग के खतरों से बचाने और खेल में ईमानदारी लाने के लिए ‘Clean Sport Campaign’ की शुरुआत की गई। इस मुहिम के लिए IOA ने नीरज चोपड़ा फाउंडेशन के साथ एक समझौता (MoU) किया है ताकि देश के युवा खिलाड़ियों को सही मार्गदर्शन मिल सके।
इस कार्यक्रम में 30 से ज्यादा नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन के 75 से ज्यादा सक्रिय और रिटायर्ड खिलाड़ी शामिल हुए। IOA के सीईओ रघुराम अय्यर ने बताया कि नीरज चोपड़ा फाउंडेशन के साथ मिलकर यह अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान नीरज चोपड़ा ने दोहा से एक वीडियो संदेश भेजा। उन्होंने युवा खिलाड़ियों को समझाया कि सफलता रातों-रात नहीं मिलती और ओलंपिक पदक जीतने में उन्हें 10 साल का समय लगा। उन्होंने धैर्य और अनुशासन बनाए रखने की सलाह दी और कहा कि खिलाड़ियों को सप्लीमेंट्स और प्रदर्शन के दबाव के बारे में खुलकर बात करने के लिए एक सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए।
IOA की अध्यक्ष पी.टी. उषा ने नीरज चोपड़ा की इस पहल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि नीरज जैसे सफल खिलाड़ी जब युवाओं को प्रेरित करते हैं, तो उसका असर ज्यादा होता है। पी.टी. उषा ने साफ किया कि IOA हर फैसले के केंद्र में खिलाड़ियों को रखेगा। इस पूरे अभियान का मकसद खिलाड़ियों को एंटी-डोपिंग नियमों के बारे में शिक्षित करना है ताकि अनजाने में कोई गलती न हो और खेल में निष्पक्षता बनी रहे।
फोरम में खिलाड़ियों के लिए कई खास सेशन भी रखे गए थे। Commonwealth Sport की एलेन बारवाइज और मेलोडी कूपर ने सेल्फ-डिस्कवरी और पर्सनल ब्रांडिंग पर मास्टरक्लास ली। वहीं LinkedIn ने प्रोफाइल बिल्डिंग और Simply Sport Foundation ने नेटवर्किंग स्किल्स के बारे में जानकारी दी। IOC Athlete365 बूथ पर खिलाड़ियों की सेहत और करियर विकास से जुड़ी जानकारियां भी साझा की गईं।
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब पिछले कुछ सालों में डोपिंग के मामलों में भारत का नाम चर्चा में रहा है। Athletics Integrity Unit ने भी भारत को डोपिंग के लिहाज से हाई-रिस्क देश की श्रेणी में रखा है, जिसे देखते हुए अब डिजिटल लर्निंग, वर्कशॉप और आउटरीच प्रोग्राम के जरिए देशभर के खिलाड़ियों को जागरूक किया जाएगा।