Indonesia के पूर्व शिक्षा मंत्री Nadiem Makarim को 10 साल की जेल, Chromebook घोटाले में हुए दोषी

World: इंडोनेशिया के पूर्व शिक्षा मंत्री और Gojek कंपनी के सह-संस्थापक Nadiem Makarim को एक बड़े भ्रष्टाचार मामले में 10 साल की कैद की सजा सुनाई गई है। जकार्ता की भ्रष्टाचार अदालत ने उन्हें स्कूलों के लिए Chromebook खरीद

World: इंडोनेशिया के पूर्व शिक्षा मंत्री और Gojek कंपनी के सह-संस्थापक Nadiem Makarim को एक बड़े भ्रष्टाचार मामले में 10 साल की कैद की सजा सुनाई गई है। जकार्ता की भ्रष्टाचार अदालत ने उन्हें स्कूलों के लिए Chromebook खरीदने के प्रोग्राम में गड़बड़ी करने का दोषी पाया है। इस फैसले के बाद वहां के शासन और न्यायिक व्यवस्था को लेकर काफी चर्चा शुरू हो गई है।

अदालत ने Makarim पर 1 बिलियन रुपिया (करीब 55,850 अमेरिकी डॉलर) का जुर्माना भी लगाया है। इसके साथ ही उन्हें 809 बिलियन रुपिया (करीब 45 से 48 मिलियन अमेरिकी डॉलर) की भरपाई करने का आदेश दिया गया है। अगर वह यह रकम नहीं चुकाते हैं, तो उन्हें 5 साल की अतिरिक्त जेल हो सकती है और जुर्माना न भरने पर 190 दिन की और सजा मिलेगी। सरकारी वकील ने उनके लिए 18 साल की सजा मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने 10 साल की सजा सुनाई।

मामला कोविड-19 महामारी के दौरान स्कूलों के लिए Chromebook खरीदने से जुड़ा है। कोर्ट ने पाया कि Makarim ने अपने पद का गलत इस्तेमाल किया, जिससे सरकार को भारी नुकसान हुआ। अनुमान है कि इस घोटाले में नुकसान 120 मिलियन अमेरिकी डॉलर से लेकर 2.18 ट्रिलियन रुपिया तक हो सकता है। जज का मानना था कि Makarim ने यह सब Google और अपनी पुरानी कंपनी के बीच बिजनेस रिश्तों को मजबूत करने के लिए किया।

Nadiem Makarim ने इन सभी आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि Chromebook प्रोग्राम से असल में पैसे की बचत हुई थी और यह मामला जांच की गलती है। उन्होंने इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करने की बात कही है। उन्होंने यह भी कहा कि वह आदेशित भरपाई की रकम चुकाने में सक्षम नहीं हैं।

इस केस में अन्य लोगों को भी सजा मिली है। टेक कंसल्टेंट Ibrahim Arief को 4 साल और शिक्षा मंत्रालय के पूर्व अधिकारियों Mulyatsyah और Sri Wahyuningsih को क्रमशः 4 और 4.5 साल की सजा सुनाई गई है। हालांकि, Google ने किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया है और कहा है कि उनका Gojek के पैरेंट कंपनी में निवेश सरकारी खरीद के फैसलों से अलग था।