Maharashtra और MP समेत देश के कई शहरों में महिलाएं Kitty Party को एक नए तरीके से देख रही हैं। पहले इसे समय और पैसे की बर्बादी माना जाता था, लेकिन अब यह महिलाओं के लिए अपनी कम्युनिटी बनाने और अकेलेपन को दूर करने का जरिया
Maharashtra और MP समेत देश के कई शहरों में महिलाएं Kitty Party को एक नए तरीके से देख रही हैं। पहले इसे समय और पैसे की बर्बादी माना जाता था, लेकिन अब यह महिलाओं के लिए अपनी कम्युनिटी बनाने और अकेलेपन को दूर करने का जरिया बन गया है। हाल ही में कॉमेडियन Mallika Dua ने भी इंस्टाग्राम पर इस बात को उठाया कि कैसे इन ग्रुप्स से महिलाओं को मानसिक और सामाजिक सहारा मिलता है।
Kitty Party अब सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि क्यों है जरूरी
मुंबई और भोपाल जैसे शहरों में महिलाएं इन पार्टियों के जरिए अपनी एक अलग दुनिया बना रही हैं। शादी के बाद दूसरे शहर जाने वाली महिलाओं के लिए यह एक ‘एक्सटेंडेड फैमिली’ जैसा काम करता है। IT प्रोफेशनल Mohini Pimpale और MBA ग्रेजुएट Gurmehar जैसी महिलाएं इसे खुद को अभिव्यक्त करने और त्योहारों को साथ मनाने का एक सुरक्षित जरिया मानती हैं। यह अब केवल पैसों के लेन-देन तक सीमित नहीं है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य और दोस्ती को बढ़ावा देने वाला प्लेटफॉर्म बन गया है।
कैसे बदल गया है Kitty Party का पुराना तरीका
1950 के दशक में यह केवल बचत करने का एक तरीका था, लेकिन अब इसका मकसद बदल चुका है। अब इसमें अलग-अलग थीम्स, जैसे Riya Jhalani द्वारा आयोजित ‘Bridgerton’ थीम पार्टी, और नए खेल जैसे Nita Kapadia द्वारा सिखाया जाने वाला ‘Mahjong’ शामिल हैं। महिलाएं यहां आकर सामाजिक दायरों को बढ़ाती हैं और घर की जिम्मेदारियों से अलग अपनी पहचान खोजती हैं। यह बदलाव महिलाओं को समाज की पुरानी सोच से बाहर निकलकर एक-दूसरे का साथ देने में मदद कर रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
किट्टी पार्टी का मुख्य उद्देश्य अब क्या हो गया है
अब इसका मुख्य उद्देश्य केवल वित्तीय बचत नहीं, बल्कि महिलाओं के लिए एक सामाजिक और भावनात्मक सपोर्ट सिस्टम बनाना है, जहाँ वे अकेलापन दूर कर सकें और नए दोस्त बना सकें।
किट्टी पार्टी को लेकर समाज की सोच में क्या बदलाव आया है
पहले इसे समय की बर्बादी और केवल गपशप का केंद्र माना जाता था, लेकिन अब इसे महिलाओं के सशक्तिकरण और मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक जरूरी कम्युनिटी स्पेस के रूप में देखा जा रहा है।