Maharashtra: ईरान के बंदरगाह पर पिछले एक महीने से फंसे दो भारतीय नाविक, Tithi Chiranjeevi और Anant Singh Chauhan, आखिरकार मुंबई वापस आ गए हैं। इन नाविकों ने वहां के हालात के बारे में जो बताया वह सुनकर कोई भी डर जाए। उन्ह
Maharashtra: ईरान के बंदरगाह पर पिछले एक महीने से फंसे दो भारतीय नाविक, Tithi Chiranjeevi और Anant Singh Chauhan, आखिरकार मुंबई वापस आ गए हैं। इन नाविकों ने वहां के हालात के बारे में जो बताया वह सुनकर कोई भी डर जाए। उन्होंने बताया कि वहां हर रात मिसाइलों और ड्रोन धमाकों का शोर रहता था और खाने-पीने की भारी किल्लत थी।
ईरान में नाविकों के साथ क्या हुआ?
Tithi Chiranjeevi, जो Iranian जहाज Ilda पर काम करते थे, ने बताया कि वहां हर रात करीब 10 से 20 मिसाइलें गिरती थीं। संचार के साधन न होने की वजह से उन्हें लगा कि अब वे जिंदा नहीं बचेंगे। घर वापस आने के लिए उन्हें इराक, आर्मेनिया और दुबई के रास्ते 15 दिनों का मुश्किल सफर तय करना पड़ा। फरवरी 2026 से अब तक इस संघर्ष में कम से कम तीन भारतीय नाविकों की मौत हो चुकी है।
भारत सरकार और MEA का क्या कहना है?
विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने बताया कि 11 भारतीय जहाज Strait of Hormuz से सुरक्षित बाहर निकल आए हैं, जबकि 13 जहाज अभी भी फारस की खाड़ी में हैं। सरकार बाकी जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए ईरान के अधिकारियों से बात कर रही है। DG Shipping के मुताबिक, अब तक 2,857 से ज्यादा भारतीय नाविकों को वहां से वापस लाया जा चुका है।
कितने नाविक अभी भी फंसे हुए हैं?
सरकारी आंकड़ों के उलट Forward Seamen’s Union of India (FSUI) के महासचिव Manoj Kumar Yadav का दावा है कि अभी भी 20,000 से 22,000 भारतीय नाविक वहां फंसे हुए हैं। उनका कहना है कि इन नाविकों का आर्थिक शोषण हो रहा है और वे बहुत ज्यादा तनाव में हैं। इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत चल रही है, जिससे भविष्य में हालात सुधरने की उम्मीद है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान में कितने भारतीय नाविक फंसे हुए हैं?
DG Shipping ने हजारों को वापस लाने का दावा किया है, लेकिन FSUI के मुताबिक अभी भी 20,000 से 22,000 भारतीय नाविक वहां फंसे हुए हैं।
Strait of Hormuz की क्या स्थिति है?
28 फरवरी 2026 से यह रास्ता प्रभावी रूप से बंद है, जिसकी वजह से करीब 2,000 जहाज वहां फंसे हुए हैं।