UP: भारतीय रेलवे ने अपने 12 लाख से ज्यादा कर्मचारियों की हाजिरी लगाने के लिए एक नया हाई-टेक सिस्टम DRISHTI शुरू किया है। यह सिस्टम AI और ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित है, जिससे अब कर्मचारियों की पहचान उनके चेहरे (Facial Recog
UP: भारतीय रेलवे ने अपने 12 लाख से ज्यादा कर्मचारियों की हाजिरी लगाने के लिए एक नया हाई-टेक सिस्टम DRISHTI शुरू किया है। यह सिस्टम AI और ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित है, जिससे अब कर्मचारियों की पहचान उनके चेहरे (Facial Recognition) से होगी। इसकी शुरुआत प्रयागराज से की गई है और जल्द ही इसे पूरे देश के रेलवे नेटवर्क में लागू कर दिया जाएगा।
DRISHTI सिस्टम कैसे काम करेगा और इसके क्या फायदे हैं?
यह एक स्मार्ट वर्कफोर्स मैनेजमेंट सिस्टम है जो डिजिटल रिकॉर्ड रखता है, जिससे डेटा के साथ छेड़छाड़ करना नामुमकिन होगा। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बिना इंटरनेट के भी काम कर सकता है। साथ ही, एक ग्रुप फोटो के जरिए पूरी टीम की हाजिरी एक साथ लगाई जा सकती है। यह सिस्टम फील्ड और ऑफिस दोनों तरह के कर्मचारियों के लिए बनाया गया है।
रेलवे में इस नई तकनीक से क्या बदलाव आएंगे?
इस सिस्टम का मुख्य मकसद फर्जी कर्मचारियों (Ghost Employees) के जरिए होने वाले घोटाले को रोकना है। पहले भी ऐसी तकनीक के इस्तेमाल से सरकारी विभागों में फर्जीवाड़े में 90% तक की कमी आई थी और पेरोल खर्च में 30-40% की बचत हुई थी। इससे कर्मचारियों की पेमेंट में होने वाली देरी भी कम होगी।
| विवरण |
जानकारी |
| सिस्टम का नाम |
DRISHTI |
| कुल कर्मचारी |
1.2 मिलियन (12 लाख से ज्यादा) |
| शुरुआत कहाँ से हुई |
Prayagraj, UP |
| मुख्य तकनीक |
AI, Blockchain और Facial Recognition |
| डेवलपर |
ChainCode Consulting, Billions Network, Aptos Foundation |
| लक्ष्य |
फर्जी हाजिरी रोकना और पारदर्शी रिकॉर्ड रखना |
Frequently Asked Questions (FAQs)
DRISHTI सिस्टम का मुख्य काम क्या है?
यह AI और ब्लॉकचेन आधारित सिस्टम है जो चेहरे की पहचान (Facial Recognition) के जरिए रेलवे कर्मचारियों की अटेंडेंस वेरिफाई करता है ताकि फर्जीवाड़े को रोका जा सके।
क्या इस सिस्टम के लिए इंटरनेट की जरूरत होगी?
नहीं, DRISHTI सिस्टम को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह बिना इंटरनेट कनेक्टिविटी के भी काम कर सकता है।