ओमान तट पर हमले में लापता भारतीय इंजीनियर का शव मिला, पुणे के रहने वाले थे हेरंब

World: ओमान के तट पर Cyprus के झंडे वाले जहाज GFS Galaxy पर हुए हमले के बाद से लापता भारतीय मरीन इंजीनियर हेरंब करमकर का शव बरामद कर लिया गया है। हेरंब करीब 60 घंटे से लापता थे और उनकी तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रह

World: ओमान के तट पर Cyprus के झंडे वाले जहाज GFS Galaxy पर हुए हमले के बाद से लापता भारतीय मरीन इंजीनियर हेरंब करमकर का शव बरामद कर लिया गया है। हेरंब करीब 60 घंटे से लापता थे और उनकी तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था। मंगलवार शाम को ओमान के कोस्ट गार्ड ने उनका शव खोज निकाला।

यह दुखद घटना 12 जुलाई 2026 को उस समय हुई जब जहाज Strait of Hormuz के पास से गुजर रहा था। इस हमले में जहाज के इंजन रूम को काफी नुकसान पहुंचा और उसमें भीषण आग लग गई। जहाज पर कुल 23 सदस्य थे जिनमें 11 भारतीय शामिल थे। हादसे के बाद चालक दल ने लाइफबोट के जरिए जहाज छोड़ा और स्थानीय अधिकारियों ने उन्हें बचा लिया। हालांकि, पुणे के रहने वाले 30 वर्षीय हेरंब करमकर, जो जहाज पर थर्ड इंजीनियर थे, लापता हो गए थे।

भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसे बेहद चिंताजनक बताया है। मंत्रालय ने कहा कि नागरिक जहाजों और समुद्री बुनियादी ढांचे को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। ओमान में भारतीय दूतावास ने बचाव कार्य के दौरान स्थानीय अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाया। भारत ने इस क्षेत्र में अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए ‘Seafarer-First’ नाम का एक नया इमरजेंसी सिस्टम भी शुरू किया है ताकि अरब की खाड़ी और Strait of Hormuz में काम करने वाले भारतीय नाविकों पर नजर रखी जा सके और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस हमले के लिए ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को जिम्मेदार ठहराया है। दूसरी ओर, ईरान ने आधिकारिक तौर पर जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन IRGC ने कहा कि एक अज्ञात जहाज ने सुरक्षा नियमों का उल्लंघन किया था इसलिए चेतावनी के तौर पर फायरिंग की गई। इस घटना के बाद Strait of Hormuz में हमलों में जान गंवाने वाले भारतीय नाविकों की कुल संख्या अब आठ हो गई है।