World : भारतीय टेक कंपनियों और स्टार्टअप्स के लिए अमेरिका के बाजार में उतरने का रास्ता अब और आसान हो गया है। IndiaIT360 ने अमेरिका के New Mexico India Nexus Center (NMexus Center) के साथ एक रणनीतिक साझेदारी की है। इस कदम
World : भारतीय टेक कंपनियों और स्टार्टअप्स के लिए अमेरिका के बाजार में उतरने का रास्ता अब और आसान हो गया है। IndiaIT360 ने अमेरिका के New Mexico India Nexus Center (NMexus Center) के साथ एक रणनीतिक साझेदारी की है। इस कदम से भारतीय IT OEMs और नए स्टार्टअप्स को नॉर्थ अमेरिका में अपना बिजनेस फैलाने और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ जुड़ने में बड़ी मदद मिलेगी।
NMexus Center क्या है और यह कैसे मदद करेगा?
NMexus Center अमेरिका के अल्बुकर्क (Albuquerque) में स्थित एक खास प्लेटफॉर्म है, जिसे भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने के लिए बनाया गया है। यह सेंटर भारतीय कंपनियों को अमेरिका में कंपनी रजिस्टर करने से लेकर मार्केटिंग, बिजनेस डेवलपमेंट और बड़े निवेशकों से मिलवाने तक की पूरी सुविधा देगा। इसका मकसद भारतीय इनोवेशन को अमेरिकी बाजार के अवसरों से जोड़ना है।
कितना होगा निवेश और रोजगार पर क्या असर पड़ेगा?
इस प्रोजेक्ट में बड़े स्तर पर निवेश और रोजगार की उम्मीद है। तेलंगाना चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (TECCI) ने अगले पांच साल में मैन्युफैक्चरिंग के लिए 100 मिलियन डॉलर के निवेश की योजना बनाई है। अनुमान है कि NMexus Center अपने पहले साल में करीब 100 नौकरियां पैदा करेगा और पांच साल के भीतर यह आंकड़ा 1,500 तक पहुंच सकता है। इससे पांच साल में 400 मिलियन डॉलर से ज्यादा का आर्थिक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।
कौन-कौन सी संस्थाएं और कंपनियां जुड़ी हैं?
इस पहल में IIT कानपुर का SIIC सेंटर भी शामिल है, जिसने अप्रैल 2025 में एक MoU साइन किया था ताकि डीप-टेक स्टार्टअप्स को ग्लोबल लॉन्चपैड मिल सके। न्यू मेक्सिको की गवर्नर मिशेल लुजन ग्रिशम ने भी इस सेंटर की शुरुआत की है। शुरुआती दौर में Zonap Engineering India, Alligator Automations, DCirrus, Inc. और Supreme Technology जैसी कंपनियां यहां अपनी जगह बना रही हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
NMexus Center से भारतीय स्टार्टअप्स को क्या फायदा होगा?
भारतीय स्टार्टअप्स को अमेरिका में बिजनेस शुरू करने के लिए जरूरी कानूनी सलाह, मार्केट एक्सेस, बिजनेस कनेक्शन और ऑन-ग्राउंड सपोर्ट मिलेगा जिससे वे ग्लोबल स्तर पर बढ़ सकें।
इस साझेदारी में IIT कानपुर की क्या भूमिका है?
IIT कानपुर का SIIC सेंटर इस प्रोजेक्ट का अहम हिस्सा है। उसने अप्रैल 2025 में MoU साइन किया था ताकि भारतीय डीप-टेक स्टार्टअप्स को अमेरिकी बाजार में प्रवेश करने में मदद मिल सके।