Delhi: भारत और उज्बेकिस्तान के बीच रिश्तों को और मजबूत करने के लिए दिल्ली में विदेश कार्यालय परामर्श का 17वां दौर पूरा हुआ। इस बैठक की अध्यक्षता भारत के सचिव (वेस्ट) Sibi George और उज्बेकिस्तान के प्रथम उप विदेश मंत्री B
Delhi: भारत और उज्बेकिस्तान के बीच रिश्तों को और मजबूत करने के लिए दिल्ली में विदेश कार्यालय परामर्श का 17वां दौर पूरा हुआ। इस बैठक की अध्यक्षता भारत के सचिव (वेस्ट) Sibi George और उज्बेकिस्तान के प्रथम उप विदेश मंत्री Bakhromjon Aloev ने की। दोनों देशों ने आपसी संबंधों की समीक्षा की और भविष्य के सहयोग पर बात की।
किन मुख्य मुद्दों पर हुई चर्चा?
इस बैठक में व्यापार और निवेश को बढ़ाने पर जोर दिया गया। इसके अलावा पर्यटन, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और एनर्जी जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करने की योजना बनी। शिक्षा, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और कांसुलर मामलों पर भी बातचीत हुई ताकि दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ सके।
क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर क्या रही बात?
दोनों पक्षों ने दुनिया और क्षेत्र में चल रहे जरूरी मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। उज्बेकिस्तान के उप विदेश मंत्री Bakhromjon Aloev दिल्ली में आयोजित BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक में भी शामिल हुए। भारत 2026 के लिए BRICS की अध्यक्षता कर रहा है, जिसकी बैठक 14-15 मई 2026 को आयोजित की जा रही है।
भारत और उज्बेकिस्तान के रिश्तों का इतिहास
भारत और उज्बेकिस्तान के बीच राजनयिक संबंध 1992 में शुरू हुए थे। साल 2011 में इस साझेदारी को ‘रणनीतिक साझेदारी’ (Strategic Partnership) के स्तर पर ले जाया गया, जिससे दोनों देशों के बीच सुरक्षा और आर्थिक सहयोग और गहरा हुआ है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
भारत और उज्बेकिस्तान की बैठक दिल्ली में क्यों हुई?
यह विदेश कार्यालय परामर्श का 17वां दौर था, जिसमें व्यापार, निवेश, पर्यटन और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने और द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करने के लिए चर्चा की गई।
BRICS बैठक का भारत से क्या संबंध है?
भारत 2026 के लिए BRICS की अध्यक्षता कर रहा है। इसी सिलसिले में 14-15 मई 2026 को दिल्ली में विदेश मंत्रियों की बैठक आयोजित की जा रही है, जिसमें उज्बेकिस्तान के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।