India में सड़क हादसे बने बड़ी चुनौती, 2025 में 5 लाख से ज्यादा दुर्घटनाएं, UP में सबसे ज्यादा मौतें

Road Safety : भारत में सड़क दुर्घटनाएं एक गंभीर समस्या बन चुकी हैं। साल 2025 के आंकड़ों के मुताबिक देश में 5.13 लाख से ज्यादा सड़क हादसे हुए, जिनमें 1.83 लाख से अधिक लोगों की जान चली गई। यह आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले 5.

Road Safety : भारत में सड़क दुर्घटनाएं एक गंभीर समस्या बन चुकी हैं। साल 2025 के आंकड़ों के मुताबिक देश में 5.13 लाख से ज्यादा सड़क हादसे हुए, जिनमें 1.83 लाख से अधिक लोगों की जान चली गई। यह आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले 5.3% ज्यादा है, जिसका मतलब है कि हर घंटे औसतन 21 लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवा रहे हैं।

हादसों के मामले में तमिलनाडु सबसे आगे रहा जहां 71,387 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, वहीं मौतों के मामले में उत्तर प्रदेश सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य रहा। नेशनल हाईवे देश के कुल सड़क नेटवर्क का सिर्फ 2% हिस्सा हैं, लेकिन कुल मौतों में इनका योगदान 30% है। दोपहिया वाहन चलाने वाले और पैदल चलने वाले लोग इन हादसों में सबसे ज्यादा शिकार हो रहे हैं।

पुलिस और कानूनी प्रक्रियाओं को आसान बनाने के लिए कुछ कदम भी उठाए गए हैं। Bihar Police ने 21 अप्रैल 2026 को एक आदेश जारी किया जिसमें कहा गया कि गंभीर अपराधों को छोड़कर, दुर्घटना में शामिल वाहनों को जरूरी कागजी कार्रवाई और पंचनामा के बाद 24 घंटे के भीतर मालिक को सौंप दिया जाए। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने भी पुलिस को निर्देश दिए हैं कि सड़क हादसों की फर्स्ट एक्सीडेंट रिपोर्ट समय पर दर्ज की जाए और इसके लिए स्पेशल पुलिस यूनिट बनाई जाएं।

सड़क सुरक्षा को लेकर केंद्रीय मंत्री Nitin Gadkari ने सड़क अनुशासन पर जोर दिया है। आम लोगों के लिए यह जरूरी है कि वे सीटबेल्ट पहनें, हेलमेट का इस्तेमाल करें और तय रफ्तार सीमा का पालन करें। दुर्घटना की स्थिति में पीड़ित व्यक्ति को तुरंत FIR दर्ज करानी चाहिए और छह महीने के भीतर Motor Accidents Claims Tribunal (MACT) में मुआवजे के लिए दावा पेश करना चाहिए।