भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ी तनाव, सिंधु जल समझौते और कश्मीर मुद्दे पर आमने-सामने आए दोनों देश

World : भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्तों में एक बार फिर कड़वाहट बढ़ गई है। सिंधु जल समझौते (IWT) को लेकर पाकिस्तान ने भारत को कड़ी चेतावनी दी है, वहीं भारत ने आतंकवाद पर अपना सख्त रुख बरकरार रखा है। दोनों देशों के बीच पा

World : भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्तों में एक बार फिर कड़वाहट बढ़ गई है। सिंधु जल समझौते (IWT) को लेकर पाकिस्तान ने भारत को कड़ी चेतावनी दी है, वहीं भारत ने आतंकवाद पर अपना सख्त रुख बरकरार रखा है। दोनों देशों के बीच पानी की लड़ाई और कश्मीर मुद्दे को लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बहस तेज हो गई है।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 14 अगस्त 2026 को कहा कि अगर भारत ने सिंधु नदी के पानी में कटौती की, तो पाकिस्तान इसका कड़ा जवाब देगा। उन्होंने पानी के मुद्दे को एक ‘रेड लाइन’ बताया है जिस पर कोई समझौता नहीं होगा। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने भारत के इस कदम को ‘हाइड्रो-टेररिज्म’ यानी पानी को हथियार की तरह इस्तेमाल करना करार दिया है। पाकिस्तान का आरोप है कि भारत ने अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल समझौते को एकतरफा तरीके से निलंबित कर दिया है।

दूसरी तरफ, भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जाइसवाल ने पाकिस्तान की धमकियों को पूरी तरह खारिज कर दिया। भारत ने साफ किया कि उसका रुख पहले जैसा ही है। भारत का मानना है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार से होने वाले आतंकवाद को नहीं रोकता, तब तक रिश्तों में सुधार मुमकिन नहीं है। भारत ने स्पष्ट किया कि सिंधु जल समझौते को स्थगित करने का फैसला अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम हमले के जवाब में लिया गया था।

कश्मीर मुद्दे पर भी दोनों देशों में टकराव दिखा। पाकिस्तानी विदेश मंत्री ईशाक दार ने मनीला में एक बैठक के दौरान कश्मीर का मुद्दा उठाया, जिस पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई। भारत ने कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले अपने रिकॉर्ड से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है। भारत ने राष्ट्रपति जरदारी की टिप्पणियों को भी खारिज करते हुए कहा कि भारत के आंतरिक मामलों में उनका कोई हस्तक्षेप नहीं चलेगा।

इन तनावपूर्ण हालातों के बीच, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का शुक्रिया अदा किया है। उन्होंने कहा कि 2025 में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद अमेरिका की मध्यस्थता से जो सीजफायर हुआ, वह ऐतिहासिक था। हालांकि, व्यापार के मोर्चे पर दोनों देशों ने मई 2025 से पाबंदियां लगाई हुई हैं, फिर भी जून 2026 में भारत से पाकिस्तान जाने वाले निर्यात में बढ़ोतरी देखी गई है।