Haryana के Gurgaon में Anton Paar का इवेंट, कहा- भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए Precision Analytics की बढ़ेगी मांग

Haryana/Gurgaon: भारत दुनिया में मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा केंद्र बनने की तैयारी कर रहा है। इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए अब उद्योगों में सटीक माप (Precision Measurement) और डिजिटल लैब जैसी आधुनिक तकनीकों की जरूरत बढ़ गई है

Haryana/Gurgaon: भारत दुनिया में मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा केंद्र बनने की तैयारी कर रहा है। इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए अब उद्योगों में सटीक माप (Precision Measurement) और डिजिटल लैब जैसी आधुनिक तकनीकों की जरूरत बढ़ गई है। Gurgaon में आयोजित ‘Anton Paar Leadership Connect’ इवेंट में विशेषज्ञों ने बताया कि क्वालिटी और ऑटोमेशन पर निवेश बढ़ने से अब एडवांस एनालिटिकल टेक्नोलॉजी की मांग पहले से कहीं ज्यादा हो गई है।

इवेंट के दौरान बताया गया कि जैसे-जैसे सामान बनाने के तरीके बदल रहे हैं और नियम सख्त हो रहे हैं, वैसे-वैसे सटीक विश्लेषण की क्षमता कंपनियों के लिए जरूरी होती जा रही है। Anton Paar की चीफ सेल्स ऑफिसर Katharina Christopolous ने कहा कि भारत बहुत तेजी से दुनिया के सबसे गतिशील मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन इकोसिस्टम में बदल रहा है। उन्होंने जोर दिया कि सटीक माप अब केवल जरूरत नहीं, बल्कि ग्लोबल लेवल पर मुकाबला करने के लिए एक रणनीतिक ताकत बन गया है।

इस कार्यक्रम में फार्मा, स्पेशल केमिकल्स, बैटरी, फूड और बेवरेज, डिफेंस और पॉलिमर जैसे अलग-अलग सेक्टर के 100 से ज्यादा सीनियर एग्जीक्यूटिव्स, वैज्ञानिक और शोधकर्ता शामिल हुए। Anton Paar इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर नितिन प्रभाकर ने भारत में कंपनी की ग्रोथ और ग्राहकों की संतुष्टि पर अपनी प्रतिबद्धता जताई।

भारत सरकार की ‘Make in India’ और ‘PLI’ जैसी योजनाओं की वजह से घरेलू उत्पादन में काफी तेजी आई है। BIS, FSSAI और CDSCO जैसी संस्थाएं अब क्वालिटी के लिए कड़े मानक तय कर रही हैं, जिससे कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों जैसे ISO/IEC 17025 का पालन करना पड़ रहा है।

कार्यक्रम में मौजूद विशेषज्ञों ने इंडस्ट्री 4.0, लैब ऑटोमेशन और AI आधारित सिस्टम पर चर्चा की। Anton Paar ने अपने नए उपकरण भी दिखाए जो नैनोपार्टिकल एनालिसिस, थर्मल एनालिसिस और डेंसिटी मेजरमेंट जैसे कामों में मदद करते हैं।

प्रमुख भागीदार संस्थान प्रमुख भागीदार कंपनियां/क्षेत्र
BARC, IIT Kharagpur, BITS Pilani, NCL, CFTRI, MNIT Jaipur, NIT Rourkela, NIT Jamshedpur, TEXMiN Foundation SLMG Beverages, फार्मा, डिफेंस, बैटरी और केमिकल सेक्टर

अंत में यह बात सामने आई कि जो भारतीय कंपनियां डिजिटल लैब और एडवांस मेजरमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश करेंगी, वे ही भविष्य में बेहतर प्रोडक्टिविटी और एक्सपोर्ट मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत कर पाएंगी। साल 2026 की शुरुआत में भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में अच्छी ग्रोथ देखी गई है, खासकर इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और डिफेंस जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ा है।