Gujarat: मुंबई-दिल्ली नेशनल हाईवे (NH48) पर सफर करने वालों के लिए एक बड़ी सुविधा शुरू हुई है। सूरत के पास चोर्यासी टोल प्लाजा पर भारत का पहला बैरियर-फ्री टोल सिस्टम चालू हो गया है। अब गाड़ियों को टोल देने के लिए रुकना नह
Gujarat: मुंबई-दिल्ली नेशनल हाईवे (NH48) पर सफर करने वालों के लिए एक बड़ी सुविधा शुरू हुई है। सूरत के पास चोर्यासी टोल प्लाजा पर भारत का पहला बैरियर-फ्री टोल सिस्टम चालू हो गया है। अब गाड़ियों को टोल देने के लिए रुकना नहीं पड़ेगा, जिससे सफर आसान होगा और समय की बचत होगी।
बिना रुके कैसे कटेगा टोल का पैसा?
इस नए सिस्टम में Multi-Lane Free Flow (MLFF) टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है। इसमें लगे हाई-रेजोल्यूशन कैमरे और सेंसर गाड़ियों की नंबर प्लेट (ANPR) और FASTag को स्कैन कर लेते हैं। जैसे ही गाड़ी टोल गेंट्री के नीचे से गुजरेगी, पैसा अपने आप अकाउंट से कट जाएगा। गाड़ियां 80 किमी प्रति घंटे या उससे ज्यादा की रफ्तार से भी बिना रुके निकल सकेंगी।
नितिन गडकरी का प्लान और फायदे
केंद्रीय मंत्री Nitin Gadkari ने बताया कि दिसंबर 2026 तक पूरे देश में बैरियर-फ्री टोल सिस्टम लागू करने का लक्ष्य है। NHAI देश के 1,050 से ज्यादा टोल प्लाजा को AI आधारित सिस्टम में बदलने की तैयारी में है। इस बदलाव से सालाना करीब 1,500 करोड़ रुपये ईंधन की बचत होगी और जाम की समस्या कम होगी।
बिना FASTag वाली गाड़ियों पर क्या होगा असर?
अगर किसी गाड़ी में एक्टिव FASTag नहीं है, तो सिस्टम नंबर प्लेट के जरिए मालिक की पहचान करेगा। ऐसे लोगों को इलेक्ट्रॉनिक नोटिस भेजा जाएगा। अगर समय पर भुगतान नहीं किया गया, तो VAHAN सिस्टम के जरिए FASTag सस्पेंड किया जा सकता है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बैरियर-फ्री टोल सिस्टम कहां शुरू हुआ है?
यह सिस्टम गुजरात के सूरत में NH48 (मुंबई-दिल्ली नेशनल हाईवे) पर चोर्यासी टोल प्लाजा पर 1 मई 2026 से शुरू हुआ है।
क्या बिना FASTag के गाड़ी निकल सकती है?
हाँ, गाड़ी निकल सकती है लेकिन ANPR कैमरों से नंबर प्लेट स्कैन कर ली जाएगी और बाद में मालिक को भुगतान के लिए नोटिस भेजा जाएगा।