Finance : भारत में नौकरी और रोजगार की स्थिति को लेकर एक बड़ी बहस छिड़ गई है। नई रिपोर्ट और किताबों के मुताबिक, देश के लाखों युवा ऐसे हैं जो न तो पढ़ाई कर रहे हैं और न ही किसी काम में लगे हैं। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह
Finance : भारत में नौकरी और रोजगार की स्थिति को लेकर एक बड़ी बहस छिड़ गई है। नई रिपोर्ट और किताबों के मुताबिक, देश के लाखों युवा ऐसे हैं जो न तो पढ़ाई कर रहे हैं और न ही किसी काम में लगे हैं। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि शहरों में काम न मिलने के कारण बड़ी संख्या में लोग वापस खेती-बाड़ी की ओर लौट रहे हैं।
रोजगार के आंकड़ों में क्या है सच्चाई
सरकार और अलग-अलग संस्थाओं के आंकड़ों में बड़ा अंतर दिख रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और श्रम मंत्रालय ने RBI के डेटा के हवाले से पिछले कुछ सालों में करोड़ों नई नौकरियों के दावे किए हैं। वहीं, ‘India Out of Work’ किताब और Azim Premji University की रिपोर्ट कहती है कि 2020 से 2024 के बीच करीब 8 करोड़ लोग वापस खेती की तरफ गए हैं। ILO की रिपोर्ट के अनुसार, 2020 से 2022 के बीच करीब 5.6 करोड़ लोग खेती के काम में जुड़े।
युवाओं की बेरोजगारी और शिक्षा का हाल
रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत के करीब 12.1 करोड़ युवा ऐसे हैं जो न तो पढ़ रहे हैं और न ही काम कर रहे हैं। इनमें महिलाओं की संख्या काफी ज्यादा है। Azim Premji University की 2026 की रिपोर्ट बताती है कि 15 से 25 साल के करीब 40% ग्रेजुएट्स बेरोजगार हैं। वहीं, 25 से 29 साल के युवाओं में यह आंकड़ा 20% है। हालांकि, SBI Research की मई 2026 की रिपोर्ट कहती है कि 2025 में युवाओं की बेरोजगारी दर घटकर 9.9% रह गई है, जो वैश्विक औसत से कम है।
नौकरियों का सेक्टर और भविष्य की जरूरत
| संस्था/स्रोत |
मुख्य दावा/आंकड़ा |
| श्रम मंत्रालय |
2017-22 के बीच 8 करोड़ से ज्यादा अवसर |
| Azim Premji University |
COVID के बाद 8.3 करोड़ में से 4 करोड़ नौकरियां खेती में |
| ILO और IHD |
2020-22 के बीच खेती में 5.6 करोड़ लोग जुड़े |
| SBI Research |
2025 में युवा बेरोजगारी दर 9.9% पर आई |
| मुख्य आर्थिक सलाहकार |
2047 के लक्ष्य के लिए हर साल 80 लाख नौकरियां जरूरी |
Frequently Asked Questions (FAQs)
कितने युवा न पढ़ाई कर रहे हैं और न ही काम?
नई रिपोर्ट के अनुसार, भारत में करीब 12.1 करोड़ युवा ऐसे हैं जो न तो किसी शैक्षणिक कोर्स में हैं और न ही किसी रोजगार से जुड़े हुए हैं।
क्या सच में लोग वापस खेती की ओर लौट रहे हैं?
हाँ, ILO और Azim Premji University जैसी संस्थाओं का कहना है कि COVID-19 के बाद शहरी नौकरियों की कमी के कारण करोड़ों लोग वापस कृषि क्षेत्र की ओर लौटे हैं।