Finance: भारत और चिली अब व्यापार और निवेश के मामले में हाथ मिला रहे हैं। नई दिल्ली में केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री Piyush Goyal ने India-Chile Business Roundtable की अध्यक्षता की। इस बैठक में चिली के विदेश मंत्री F
Finance: भारत और चिली अब व्यापार और निवेश के मामले में हाथ मिला रहे हैं। नई दिल्ली में केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री Piyush Goyal ने India-Chile Business Roundtable की अध्यक्षता की। इस बैठक में चिली के विदेश मंत्री Francisco Perez Mackenna और अन्य बड़े अधिकारी शामिल हुए। दोनों देशों का मुख्य मकसद व्यापार को आसान बनाना और खास तौर पर जरूरी खनिजों (critical minerals) की सप्लाई चेन को मजबूत करना है।
India-Chile CEPA डील से क्या होगा फायदा?
भारत और चिली के बीच Comprehensive Economic Partnership Agreement (CEPA) पर बातचीत चल रही है। यह समझौता 2006 के पुराने व्यापार समझौते (PTA) की जगह लेगा। इस डील के बाद दोनों देशों के बीच सामान और सेवाओं का लेन-देन बढ़ेगा। चिली के लिए भारत एक बड़ा बाजार बनेगा, वहीं भारत को वहां से जरूरी संसाधन आसानी से मिल सकेंगे।
किन सेक्टरों पर रहेगा मुख्य फोकस?
इस बैठक में कई ऐसे क्षेत्रों की पहचान की गई है जहां दोनों देश मिलकर काम कर सकते हैं। इसमें मुख्य रूप से ये शामिल हैं:
- क्रिटिकल मिनरल्स: लिथियम और कॉपर जैसे खनिज, जो इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EV) और इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए जरूरी हैं।
- क्लीन एनर्जी: साफ ऊर्जा और तकनीक के आदान-प्रदान पर जोर।
- हेल्थकेयर और फूड प्रोसेसिंग: स्वास्थ्य सेवाओं और खाद्य प्रसंस्करण में सहयोग।
- टेक्नोलॉजी ट्रांसफर: नई तकनीक को एक देश से दूसरे देश तक पहुंचाना।
व्यापारिक रिश्तों में आगे क्या होगा?
मंत्री Piyush Goyal ने कहा कि अगर क्रिटिकल मिनरल्स पर दोनों देशों के बीच सही तालमेल बैठता है, तो व्यापार समझौते (CEPA) को जल्द अंतिम रूप दिया जा सकता है। चिली की उप-मंत्री Paula Estevez ने बताया कि भारत उनके विविधीकरण रणनीति (diversification strategy) में एक प्राथमिकता वाला पार्टनर है। अब कोशिश यह है कि निजी कंपनियों की भागीदारी बढ़ाई जाए ताकि आर्थिक सहयोग और मजबूत हो सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
India-Chile CEPA क्या है और यह क्यों जरूरी है?
यह एक व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता है जो 2006 के पुराने व्यापार समझौते को अपडेट करेगा। इससे भारत को लिथियम और कॉपर जैसे जरूरी खनिजों की सप्लाई मिलेगी, जो EV और बैटरी बनाने के काम आते हैं।
इस बैठक में कौन-कौन शामिल था?
बैठक की अध्यक्षता भारत के वाणिज्य मंत्री Piyush Goyal ने की। इसमें चिली के विदेश मंत्री Francisco Perez Mackenna और उप-मंत्री Paula Estevez के साथ कई बिजनेस लीडर्स और CII के प्रतिनिधि शामिल थे।