Delhi: भारत और बांग्लादेश के बीच सीमा सुरक्षा को लेकर एक बड़ी बैठक होने जा रही है। यह महानिदेशक (DG) स्तर की वार्ता 8 से 11 जून, 2026 तक नई दिल्ली में BSF के एक शिविर में आयोजित होगी। इस बैठक में दोनों देशों के अधिकारी स
Delhi: भारत और बांग्लादेश के बीच सीमा सुरक्षा को लेकर एक बड़ी बैठक होने जा रही है। यह महानिदेशक (DG) स्तर की वार्ता 8 से 11 जून, 2026 तक नई दिल्ली में BSF के एक शिविर में आयोजित होगी। इस बैठक में दोनों देशों के अधिकारी सीमा पर बढ़ती घुसपैठ और सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के तरीकों पर बात करेंगे।
बैठक में किन मुख्य मुद्दों पर होगी चर्चा?
इस चार दिवसीय वार्ता में अवैध घुसपैठ को रोकने और सीमा पर फेंसिंग (बाड़ लगाने) के काम को तेज करने पर जोर दिया जाएगा। भारत सरकार BSF जवानों पर होने वाले हमलों और ड्रोन के जरिए होने वाली घुसपैठ जैसे गंभीर मुद्दों को उठाएगा। इसके अलावा, मादक पदार्थों, हथियारों और इंसानों की तस्करी को रोकने के साथ-साथ सीमावर्ती नदियों के संरक्षण और जल बंटवारे पर भी बातचीत होगी।
कौन करेगा प्रतिनिधिमंडलों का नेतृत्व?
भारतीय टीम की अगुवाई सीमा सुरक्षा बल (BSF) के महानिदेशक प्रवीण कुमार करेंगे। वहीं, बांग्लादेशी टीम का नेतृत्व बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) के महानिदेशक मेजर जनरल मोहम्मद अशरफुज्जमान सिद्दीकी करेंगे। यह बैठक इसलिए भी अहम है क्योंकि ढाका में BNP के नेतृत्व वाली नई सरकार आने के बाद यह पहली उच्च-स्तरीय सीमा बैठक होगी।
ताजा अपडेट और सरकारी तैयारी
गृह मंत्री अमित शाह ने साफ किया है कि बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं की अवैध घुसपैठ बर्दाश्त नहीं होगी और इसके लिए ‘डिटेक्ट, डिटेन और डिपोर्ट’ (3D) नीति अपनाई जाएगी। वहीं, पश्चिम बंगाल सरकार ने फेंसिंग के काम के लिए BSF को 142.79 एकड़ जमीन सौंपी है। कूचबिहार के तीन बीघा गलियारे के पास हाल ही में तनाव देखा गया था, जिस पर भी नजर रखी जा रही है। बैठक के आखिरी दिन 11 जून को दोनों देश संयुक्त अभिलेख पर हस्ताक्षर कर सकते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
भारत और बांग्लादेश की सीमा वार्ता कब और कहां होगी?
यह वार्ता 8 से 11 जून, 2026 तक नई दिल्ली में सीमा सुरक्षा बल (BSF) के एक शिविर में आयोजित की जाएगी।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य अवैध घुसपैठ रोकना, सीमा पर फेंसिंग तेज करना, BSF जवानों पर हमलों को रोकना और तस्करी जैसी समस्याओं का समाधान निकालना है।