Delhi: भारत और अफ्रीकी संघ के बीच नई दिल्ली में होने वाला चौथा भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन (IAFS-IV) अब तय समय पर नहीं होगा। इसे 28 से 31 मई 2026 के बीच आयोजित किया जाना था, लेकिन अब इसे स्थगित कर दिया गया है। विदेश म
Delhi: भारत और अफ्रीकी संघ के बीच नई दिल्ली में होने वाला चौथा भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन (IAFS-IV) अब तय समय पर नहीं होगा। इसे 28 से 31 मई 2026 के बीच आयोजित किया जाना था, लेकिन अब इसे स्थगित कर दिया गया है। विदेश मंत्रालय ने इस बदलाव की जानकारी दी है, जिसके पीछे अफ्रीका में फैल रहा इबोला वायरस मुख्य वजह माना जा रहा है।
शिखर सम्मेलन क्यों टला और अब क्या होगा
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, अफ्रीकी देशों के साथ बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया ताकि वहां के नेताओं और प्रतिनिधियों की पूरी भागीदारी सुनिश्चित हो सके। अफ्रीका के कई हिस्सों में स्वास्थ्य स्थिति खराब है, जिसे देखते हुए यह कदम उठाया गया। सम्मेलन की नई तारीखों का फैसला भारत और अफ्रीकी देशों के बीच आपसी चर्चा के बाद लिया जाएगा।
इबोला का खतरा और WHO की चेतावनी
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) और युगांडा में इबोला के प्रकोप को अंतर्राष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है। यह प्रकोप बुंडीबुग्यो वैरिएंट से जुड़ा है। भारत सरकार ने अफ्रीका सीडीसी के साथ मिलकर इस स्वास्थ्य संकट से निपटने में मदद करने की इच्छा जताई है।
भारत में क्या तैयारी की गई है
हालांकि भारत में इबोला का कोई मामला नहीं मिला है, लेकिन स्वास्थ्य मंत्रालय ने सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। देश के सभी हवाई अड्डों, बंदरगाहों और सीमा चौकियों पर आने वाले यात्रियों की कड़ी स्क्रीनिंग की जाएगी। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को क्वारंटीन प्रोटोकॉल और लैब टेस्टिंग के लिए तैयार रहने को कहा गया है ताकि किसी भी खतरे को समय रहते रोका जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
इंडिया-अफ्रीका फोरम समिट कब होना था और अब क्या स्थिति है?
यह समिट 28 से 31 मई 2026 तक नई दिल्ली में आयोजित होना था, लेकिन अफ्रीका में इबोला वायरस के प्रकोप के कारण इसे स्थगित कर दिया गया है। नई तारीखों का ऐलान जल्द होगा।
क्या भारत में इबोला वायरस फैल गया है?
नहीं, भारत में इबोला का कोई मामला सामने नहीं आया है। सरकार ने केवल सावधानी के तौर पर हवाई अड्डों और सीमाओं पर यात्रियों की स्क्रीनिंग और निगरानी बढ़ा दी है।