Delhi, Bihar समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने अगले 3 दिन सावधान रहने को कहा
Delhi/NCR: उत्तर भारत में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। India Meteorological Department (IMD) ने 18 जून से अगले तीन दिनों तक दिल्ली, बिहार और राजस्थान समेत कई राज्यों में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की है। पश
Delhi/NCR: उत्तर भारत में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। India Meteorological Department (IMD) ने 18 जून से अगले तीन दिनों तक दिल्ली, बिहार और राजस्थान समेत कई राज्यों में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की है। पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण की वजह से अब लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
IMD के मुताबिक राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में आंधी-तूफान के साथ बारिश होगी। राजस्थान में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जो कुछ जगहों पर 80 किलोमीटर तक पहुंच सकती हैं। वहीं हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में ओले गिरने की भी संभावना है।
Delhi-NCR की बात करें तो 18 से 20 जून के बीच हल्की से मध्यम बारिश और बिजली गिरने की आशंका है। यहां 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। हालांकि दिल्ली में मॉनसून आने में अभी समय है और यह अपनी सामान्य तारीख 27 जून के बाद ही आ सकता है। तापमान की बात करें तो अधिकतम पारा 38 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा, लेकिन बारिश की वजह से यह 40 डिग्री से ऊपर जाने की उम्मीद कम है।
उत्तर प्रदेश और बिहार में भी मौसम खराब रहने वाला है। यूपी के नोएडा, मेरठ, आगरा, कानपुर, प्रयागराज, गोरखपुर और आजमगढ़ में भारी बारिश के साथ 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की हवाएं चल सकती हैं। बिहार में 18 और 19 जून को भारी बारिश और गंभीर गरज-चमक के साथ 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।
मुंबई में मॉनसून के 25 जून के आसपास आने की संभावना है, जबकि महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में 18 जून से 2 जुलाई के बीच मॉनसून सक्रिय होगा। इसके अलावा पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय, सिक्किम और पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों में भी बहुत भारी बारिश हो सकती है। दक्षिण भारत के तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल में भी छिटपुट भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।
IMD ने यह भी बताया कि El Niño के प्रभाव के कारण इस साल जून से सितंबर तक देश में औसत बारिश का 90 प्रतिशत रहने की उम्मीद है, जो पिछले अनुमान 92 प्रतिशत से थोड़ा कम है।