Bihar, Delhi समेत 22 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, UP और हरियाणा में भी बरसेंगे बादल
India: मौसम विभाग (IMD) ने देशभर के 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए मौसम की चेतावनी जारी की है। मानसून अब काफी तेज हो गया है, जिससे कई इलाकों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका है। दिल्ली, यूपी
India: मौसम विभाग (IMD) ने देशभर के 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए मौसम की चेतावनी जारी की है। मानसून अब काफी तेज हो गया है, जिससे कई इलाकों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका है। दिल्ली, यूपी, बिहार, राजस्थान और उत्तर-पूर्वी राज्यों में रहने वाले लोगों को आने वाले कुछ दिनों में मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
मुंबई में आज 23 जून को आधिकारिक तौर पर मानसून की दस्तक हो गई है, जिसके बाद वहां ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है और तेज बारिश के साथ बिजली गिरने की खबरें आई हैं। इसके अलावा मानसून अब महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कई हिस्सों तक पहुंच चुका है। अगले 48 घंटों में मानसून के और आगे बढ़ने की उम्मीद है।
दिल्ली-NCR और हरियाणा में 23 से 26 जून तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा। यहां के लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी और बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हालांकि, रात और सुबह के समय 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
उत्तर प्रदेश के लखनऊ, मेरठ, आगरा, वाराणसी और प्रयागराज जैसे जिलों में भारी बारिश और तूफान का अनुमान है। लेकिन पूर्वी यूपी में अभी 24 से 48 घंटे तक लू (Heatwave) का असर रह सकता है, जिसके बाद मानसून पूरी तरह सक्रिय होगा। वहीं बिहार के उत्तरी और मध्य जिलों में भारी बारिश के साथ बिजली गिरने (वज्रपात) की चेतावनी दी गई है।
उत्तर-पूर्वी भारत में स्थिति ज्यादा गंभीर है, जहां 25 से 28 जून तक बहुत भारी बारिश हो सकती है। मेघालय के मौसिनराम में पिछले 24 घंटों में 530 मिमी बारिश दर्ज की गई है। मेघालय के लिए ‘रेड अलर्ट’ और असम व अरुणाचल प्रदेश के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है, क्योंकि वहां भूस्खलन और अचानक बाढ़ आने का खतरा है।
IMD ने चेतावनी दी है कि उत्तर और मध्य भारत के कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जिससे खड़ी फसलों और कच्चे निर्माणों को नुकसान हो सकता है। प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास न खड़े हों और सुरक्षित घरों के अंदर रहें। पहाड़ी इलाकों जैसे चंबा और डलहौजी में सड़क साफ करने के लिए PWD की टीमें तैनात हैं।