Delhi, UP, Bihar समेत 15 राज्यों में भारी बारिश का Orange Alert, 60 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

Delhi/UP/Bihar: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के 15 राज्यों में मौसम खराब होने की चेतावनी दी है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। लोगों को

Delhi/UP/Bihar: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के 15 राज्यों में मौसम खराब होने की चेतावनी दी है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। लोगों को तेज बारिश, आंधी, बिजली गिरने और 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक यह अलर्ट 1 जुलाई, 2026 के लिए जारी किया गया है। मानसून की यह सक्रियता इस पूरे हफ्ते मध्य और उत्तर भारत में बनी रहेगी। कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। हिमाचल प्रदेश में 2 से 4 जुलाई तक और उत्तराखंड में 2 जुलाई तक बारिश की संभावना है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 1 जुलाई, मध्य प्रदेश में 4 जुलाई तक और छत्तीसगढ़ में 1 जुलाई को बारिश हो सकती है।

ओडिशा में 6 जुलाई तक और कोंकण, गोवा, गुजरात में भी अलग-अलग तारीखों पर भारी बारिश का अनुमान है। कर्नाटक और केरल के कुछ हिस्सों में 2 जुलाई तक बारिश हो सकती है। दिल्ली-एनसीआर की बात करें तो यहाँ अगले 4-5 दिनों में गर्मी से राहत मिलेगी और अधिकतम तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। 3 जुलाई तक यहाँ तापमान गिरकर 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच सकता है। दिल्ली के लिए फिलहाल येलो अलर्ट जारी किया गया है, जहाँ हल्की बारिश और धूल भरी आंधी चल सकती है।

मुंबई और महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में 1 जुलाई की सुबह से ही भारी बारिश शुरू हो गई है, जिससे सड़कों पर पानी भर गया और ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई। IMD ने मुंबई, ठाणे और पालघर जिलों के लिए अगले कुछ घंटों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जो 2 जुलाई तक जारी रहेगा। दक्षिण-पश्चिम मानसून अब उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और पंजाब-हरियाणा के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ गया है।

IMD ने आम जनता को सतर्क रहने और बिना वजह यात्रा न करने की सलाह दी है। अधिकारियों ने अपील की है कि आंधी-तूफान के समय पेड़ों, बिजली के खंभों या किसी कमजोर ढांचे के नीचे शरण न लें और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।