UP, Bihar समेत कई राज्यों में मॉनसून की रफ्तार हुई धीमी, IMD ने बताया कब तक होगी बारिश

UP/Bihar: देश के कई हिस्सों में मॉनसून की सुस्त रफ्तार ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आंकड़ों के मुताबिक, 1 जून से 18 जून के बीच पूरे देश में सामान्य से 40% कम बारिश दर्ज की गई है। यूपी और

UP/Bihar: देश के कई हिस्सों में मॉनसून की सुस्त रफ्तार ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आंकड़ों के मुताबिक, 1 जून से 18 जून के बीच पूरे देश में सामान्य से 40% कम बारिश दर्ज की गई है। यूपी और बिहार के लोगों को सराबोर होने के लिए अभी कुछ दिन और इंतजार करना पड़ सकता है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मॉनसून के अटकने के पीछे ‘अल नीनो’ की मजबूत स्थिति एक बड़ा कारण है। इसके साथ ही जून के पहले हिस्से में पश्चिमी और मध्य भारत में शुष्क हवाएं चलीं, जिससे बादल नहीं बन पाए। सोमाली जेट पवन भी इस साल कमजोर रही है, जो नमी लाने का काम करती है। वातावरण की ऊपरी परतों में हवाओं के असामान्य व्यवहार की वजह से भी मॉनसून की ताकत कम हुई है।

बिहार के कुछ पूर्वी इलाकों जैसे पूर्णिया और किशनगंज में 11 जून को ही बारिश शुरू हो गई थी, लेकिन बाकी राज्य अभी भी इंतजार कर रहे हैं। IMD के मुताबिक, अगले 4-5 दिनों में यानी 23 जून के आसपास तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़ और बिहार के कुछ और हिस्सों में मॉनसून आगे बढ़ सकता है। उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में 15 से 20 जून और पश्चिमी यूपी में 20 से 25 जून के बीच बारिश की उम्मीद थी, लेकिन अब इसमें देरी हो सकती है।

दिल्ली के निवासियों के लिए भी खबर अच्छी नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि राजधानी में मॉनसून की बौछारें जुलाई के पहले हफ्ते तक पहुंच सकती हैं। IMD के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. नरेश कुमार ने बताया कि वर्तमान में मौसमी स्थितियां अनुकूल नहीं हैं, इसलिए महाराष्ट्र और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में मॉनसून की गति धीमी हो गई है।

हालांकि, 18 जून से उत्तर भारत में एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के असर से आंधी-बारिश का दौर शुरू हो सकता है, जिससे मौसम में कुछ बदलाव देखने को मिलेगा। आंकड़ों की बात करें तो मध्य भारत में सबसे ज्यादा 63% और पूर्वी व उत्तर-पूर्वी भारत में 46% बारिश की कमी दर्ज की गई है।