Bihar, Delhi समेत 11 राज्यों में भारी बारिश के लिए IMD का अलर्ट, अगले 3-4 दिन तक होगा असर

India: मौसम विभाग (IMD) ने 23 जुलाई के लिए देश के 11 राज्यों में भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में मानसून अब और ज्यादा सक्रिय होगा। अगले 3-4 दिनों

India: मौसम विभाग (IMD) ने 23 जुलाई के लिए देश के 11 राज्यों में भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में मानसून अब और ज्यादा सक्रिय होगा। अगले 3-4 दिनों तक कई राज्यों में मौसम खराब रहने की संभावना है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

Delhi में मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। यहां रुक-रुक कर भारी बारिश हो सकती है और हवा की रफ्तार 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है। तापमान में उतार-चढ़ाव रहेगा, जहां अधिकतम तापमान 32 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।

Uttar Pradesh के लखनऊ, मेरठ, आगरा, कानपुर, गोरखपुर और प्रयागराज जैसे जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। यहां 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। पूर्वी और पश्चिमी यूपी दोनों हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा। इसी तरह Bihar के पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया और भागलपुर में भारी बारिश और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की उम्मीद है।

राज्य मौसम का अनुमान
Rajasthan पूर्वी राजस्थान में बहुत भारी बारिश, 22-25 जुलाई तक असर रहेगा।
Madhya Pradesh पश्चिमी एमपी में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।
Gujarat अलग-अलग जगहों पर भारी से अत्यंत भारी बारिश हो सकती है।
Punjab और Haryana 22 और 23 जुलाई को व्यापक रूप से बारिश होगी।
Himachal और Uttarakhand 23 से 27 जुलाई के बीच भारी बारिश का अलर्ट है।
Maharashtra और Goa कोंकण और मध्य महाराष्ट्र में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी है।

IMD के मुताबिक, मध्य प्रदेश के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण (cyclonic circulation) बारिश की गतिविधि को बढ़ाएगा। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन (landslides) का खतरा है और निचले इलाकों में जलभराव या अचानक बाढ़ (flash flood) आने की संभावना है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 85 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खराब मौसम को देखते हुए स्थानीय अधिकारी स्कूलों की छुट्टी पर फैसला ले सकते हैं। साथ ही, समुद्र तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को बीच और तटों से दूर रहने को कहा गया है।