Noida की IMARC Engineering शुरू करेगी फैक्ट्री सेटअप सर्विस, नए और पुराने मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट्स को मिलेगी मदद
UP/Noida : नोएडा स्थित इंजीनियरिंग फर्म IMARC Engineering ने भारत में फैक्ट्री सेटअप के लिए अपनी नई एंड-टू-एंड सर्विस शुरू की है। यह कदम उन निवेशकों के लिए बड़ा सहारा बनेगा जो देश में नए कारखाने लगाना चाहते हैं या अपनी प
UP/Noida : नोएडा स्थित इंजीनियरिंग फर्म IMARC Engineering ने भारत में फैक्ट्री सेटअप के लिए अपनी नई एंड-टू-एंड सर्विस शुरू की है। यह कदम उन निवेशकों के लिए बड़ा सहारा बनेगा जो देश में नए कारखाने लगाना चाहते हैं या अपनी पुरानी फैक्ट्रियों का विस्तार करना चाहते हैं। कंपनी का लक्ष्य मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में आने वाली मुश्किलों को कम करना और निवेश की प्रक्रिया को आसान बनाना है।
IMARC Engineering एक EPCM एडवाइजरी फर्म है जो अब जमीन खरीदने से लेकर फैक्ट्री शुरू होने तक की पूरी जिम्मेदारी संभालेगी। यह सर्विस ‘ग्रीनफील्ड’ यानी बिल्कुल नए प्रोजेक्ट्स और ‘ब्राउनफील्ड’ यानी पुराने प्रोजेक्ट्स के आधुनिकीकरण, दोनों के लिए उपलब्ध होगी। कंपनी निवेशकों को फिजिबिलिटी स्टडी, सरकारी मंजूरी, रेगुलेटरी अप्रूवल और ईएसजी (ESG) नियमों के पालन में मदद करेगी।
यह सर्विस खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद होगी जो पहली बार औद्योगिक निवेश कर रहे हैं या जो MSME स्तर से आगे बढ़कर नए सेक्टर में जाना चाहते हैं। साथ ही, विदेशी कंपनियां जो भारत के नियमों को समझना चाहती हैं, वे भी इसका लाभ ले सकेंगी। यह कदम ‘मेक इन इंडिया’, ‘पीएलआई स्कीम’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे सरकारी अभियानों को मजबूती देगा।
कंपनी इन अलग-अलग सेक्टरों में काम करने वाले निवेशकों की मदद करेगी:
- फार्मास्यूटिकल्स और फूड प्रोसेसिंग
- केमिकल्स, मेटल्स और पैकेजिंग
- इलेक्ट्रॉनिक्स और EV बैटरी मैन्युफैक्चरिंग
- रिन्यूएबल एनर्जी और कंज्यूमर गुड्स
- इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर
IMARC Engineering ने बताया कि उनका मकसद भारत के औद्योगिक ढांचे में मौजूद कमियों को दूर करना है। वे निवेशकों को जटिल क्लीयरेंस प्रोसेस और सख्त ईएसजी नियमों से निपटने में मदद करेंगे ताकि फैक्ट्री लगाने का काम बिना किसी रुकावट के पूरा हो सके।