Lucknow के IITR में मनाया गया विश्व पर्यावरण दिवस, 30वें डॉ. सी. आर. कृष्णमूर्ति व्याख्यान में जुटे दिग्गज

UP: लखनऊ के सीएसआईआर-भारतीय विषविज्ञान अनुसंधान संस्थान (IITR) में विश्व पर्यावरण दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर 30वें डॉ. सी. आर. कृष्णमूर्ति स्मृति व्याख्यान का आयोजन किया गया, जिसमें देश और विदेश के विशेषज्ञों न

UP: लखनऊ के सीएसआईआर-भारतीय विषविज्ञान अनुसंधान संस्थान (IITR) में विश्व पर्यावरण दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर 30वें डॉ. सी. आर. कृष्णमूर्ति स्मृति व्याख्यान का आयोजन किया गया, जिसमें देश और विदेश के विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण और विकास के बीच संतुलन बनाने पर गहराई से चर्चा की गई।

IITR की रिपोर्ट में लखनऊ के प्रदूषण का हाल

CSIR और IITR ने लखनऊ में प्रदूषण को लेकर एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के मुताबिक शहर के रिहायशी, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल इलाकों में पीएम 10 और पीएम 2.5 का स्तर तय सीमा से ज्यादा पाया गया है। लखनऊ में वायु प्रदूषण एक गंभीर समस्या बनी हुई है, जिससे आम लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया वृक्षारोपण

विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर जोर दिया। वहीं वैश्विक स्तर पर इस वर्ष की थीम ‘क्लाइमेट एक्शन’ (जलवायु कार्रवाई) रखी गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य जलवायु परिवर्तन के खतरों से निपटना है।

दुनिया भर में पर्यावरण संकट पर चिंता

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने चेतावनी दी है कि पिछले ग्यारह साल रिकॉर्ड स्तर पर सबसे गर्म रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदूषित हवा, खराब भूमि और विलुप्त होती जैव विविधता के कारण दुनिया को बड़ा नुकसान हो रहा है। वर्तमान में दुनिया 1.5 डिग्री तापमान की सीमा को पार करने की ओर बढ़ रही है, जिसका सबसे ज्यादा असर कमजोर वर्ग के लोगों पर पड़ता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

विश्व पर्यावरण दिवस 2026 की थीम क्या है?

विश्व पर्यावरण दिवस 2026 की मुख्य थीम ‘क्लाइमेट एक्शन’ (जलवायु कार्रवाई) है। कुछ जगहों पर इसे ‘प्रेरित प्रकृति से. जलवायु के लिए. हमारे भविष्य के लिए’ के रूप में भी बताया गया है।

लखनऊ में प्रदूषण की स्थिति क्या है?

CSIR-IITR की रिपोर्ट के अनुसार, लखनऊ के रिहायशी, व्यावसायिक और औद्योगिक क्षेत्रों में PM 10 और PM 2.5 का स्तर स्वीकार्य सीमा से अधिक है।