Finance : आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में करियर का चुनाव करना सबसे बड़ा सिरदर्द बन गया है। हाल ही में एक IIT ग्रेजुएट ने दावा किया कि भारत में इंजीनियरिंग के मुकाबले MBBS करना ज्यादा सुरक्षित है। इस व्यक्ति की एक US टेक क
Finance : आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में करियर का चुनाव करना सबसे बड़ा सिरदर्द बन गया है। हाल ही में एक IIT ग्रेजुएट ने दावा किया कि भारत में इंजीनियरिंग के मुकाबले MBBS करना ज्यादा सुरक्षित है। इस व्यक्ति की एक US टेक कंपनी से नौकरी चली गई थी, जिसके बाद उसने सोशल मीडिया पर डॉक्टरों की लग्जरी कारों का उदाहरण देते हुए यह बात कही।
IIT ग्रेजुएट ने ऐसा क्यों कहा और क्या है पूरा मामला
एक IIT पूर्व छात्र ने Reddit पर पोस्ट किया कि उसने मुंबई के अस्पतालों के बाहर BMW X7, Mercedes GLS और Audi RS5 जैसी महंगी गाड़ियां देखी हैं। उसका मानना है कि टेक सेक्टर में AI के आने और छंटनी (layoffs) के डर के बीच मेडिकल प्रोफेशन ज्यादा स्थिर है। इस बात को Moneycontrol और Economic Times जैसे बड़े मीडिया हाउस ने भी कवर किया है, जिससे यह चर्चा पूरे देश में फैल गई।
डॉक्टरों और एक्सपर्ट्स ने क्या जवाब दिया
मेडिकल प्रोफेशन से जुड़े लोगों ने इस दावे को गलत बताया है। उनका कहना है कि डॉक्टर बनना कोई आसान रास्ता नहीं है। इसमें MBBS के बाद स्पेशलाइजेशन करने में 8 से 10 साल का समय लगता है। इस दौरान बहुत ज्यादा तनाव, कड़ी मेहनत और पढ़ाई का बोझ होता है। करियर काउंसलर्स का भी मानना है कि केवल पैसों या स्टेटस को देखकर नहीं, बल्कि अपनी रुचि के हिसाब से करियर चुनना चाहिए।
इंजीनियरिंग और मेडिकल की कमाई में कितना अंतर है
| करियर |
शुरुआती सैलरी (सालाना) |
अनुभव के बाद सैलरी (सालाना) |
| MBBS डॉक्टर |
₹5 लाख से ₹12 लाख |
स्पेशलिस्ट: ₹18 लाख से ₹40 लाख |
| सुपर स्पेशलिस्ट |
– |
₹35 लाख से ₹1 करोड़ से ज्यादा |
| Data Engineer |
₹4.5 लाख से शुरू |
सीनियर लेवल: ₹40 लाख से ₹80 लाख |
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या मेडिकल करियर AI से सुरक्षित है?
कई विशेषज्ञों का मानना है कि मेडिकल प्रोफेशन काफी हद तक AI-proof है, लेकिन यह कोई ‘गोल्डन गूज’ नहीं है क्योंकि इसमें ट्रेनिंग का समय बहुत लंबा और तनावपूर्ण होता है।
इंजीनियरिंग और मेडिकल में से कौन जल्दी पैसा कमाना शुरू करता है?
इंजीनियरिंग में जॉब मार्केट में एंट्री जल्दी होती है और शुरुआती कमाई ज्यादा हो सकती है, जबकि डॉक्टरों की कमाई स्पेशलाइजेशन के बाद 10-15 साल में इंजीनियरिंग को पीछे छोड़ सकती है।