Delhi: IIT दिल्ली और DRDO ने बनाई AI वाली निगरानी प्रणाली, आसमान से होगी जमीन पर नजर

Delhi: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने मिलकर एक खास AI-सक्षम एयरोस्टेट निगरानी प्रणाली तैयार की है। इस नई तकनीक का प्रदर्शन 1 और 2 जुलाई 2026 को किया गया। इसका मुख्य म

Delhi: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने मिलकर एक खास AI-सक्षम एयरोस्टेट निगरानी प्रणाली तैयार की है। इस नई तकनीक का प्रदर्शन 1 और 2 जुलाई 2026 को किया गया। इसका मुख्य मकसद देश की सुरक्षा को बढ़ाना और बाहर से आने वाली मशीनों पर निर्भरता को खत्म करना है।

इस सिस्टम के प्रदर्शन के दौरान 24 क्यूबिक मीटर के एक एयरोस्टेट को 30 मीटर की ऊंचाई तक उड़ाया गया। यह मशीन 10 किलोग्राम तक का वजन उठा सकती है और 20 किलोमीटर की ऊंचाई तक जाकर निगरानी और संचार का काम कर सकती है। यह सिस्टम लाइव हवाई डेटा भेजने, सुरक्षा ऑपरेशन्स और दूरदराज के इलाकों में बातचीत करने में मदद करता है।

IIT दिल्ली के प्रोफेसर भूपेन सिंह भटोला ने बताया कि यह स्वदेशी एयरोस्टेट ड्रोन के मुकाबले ज्यादा समय तक हवा में रह सकता है और ज्यादा भारी सामान ले जा सकता है। सबसे बड़ी बात यह है कि रडार के लिए इसे पकड़ना मुश्किल है और क्योंकि इसमें पावर का इस्तेमाल नहीं होता, इसलिए इसे हैक करना भी कठिन है।

इस तकनीक को 2017 से 2023 के बीच DRDO के उद्योग-अकादमिक उत्कृष्टता केंद्र (DIA-CoE) के तहत विकसित किया गया था। इसमें कुछ प्राइवेट स्टार्टअप्स ने भी मदद की है। GB Texcoat Solution Pvt Ltd ने इस सिस्टम को बनाने के लिए खास कपड़े और सामग्री का इस्तेमाल किया, जबकि CYRAN AI ने इसमें ऐसे एल्गोरिदम लगाए जिससे तस्वीरों का विश्लेषण कर चीजों की पहचान और अलर्ट मिल सके।

यह तकनीक केवल सेना के लिए ही नहीं, बल्कि आम नागरिक कामों के लिए भी उपयोगी होगी। इसका इस्तेमाल सीमा की निगरानी, आपदा प्रबंधन, ट्रैफिक कंट्रोल और पर्यावरण की देखरेख जैसे कामों में किया जा सकेगा। भारत सरकार ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के लिए 2025 तक 1.75 लाख करोड़ रुपये के कारोबार का लक्ष्य रखा है।